ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए सड़क हादसे के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के पिता ने मदद के लिए 12 बजे संदेश भेजा था। यह संदेश रात 3 बजे डिलीवर हुआ। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 के निवासियों ने बताया कि यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
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इंजीनियर युवराज की फाइल फोटो और पिता
- फोटो : अमर उजाला
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए सड़क हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और राहत दल को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बताया गया कि कार सड़क से लगभग 70 फीट दूर जाकर पानी में डूबी मिली। जबकि जो क्रेन मंगवाई गई थी उसकी पहुंच केवल 40 फीट तक ही हो पा रही थी। चारों ओर झाड़ियां और गहरा पानी होने के कारण बोट उतारने की भी जगह नहीं मिल सकी। कोहरे और अंधेरे की वजह से दृश्यता बेहद कम थी, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी देरी हुई। संसाधनों की कमी और तकनीकी दिक्कतों के चलते देर रात तक कार को बाहर नहीं निकाला जा सका।
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नोएडा के सेक्टर-150 में हुए हादसे में टूटी पड़ी नाले की दीवार
- फोटो : अमर उजाला
बैरिकेडिंग व रिफ्लेक्टर नहीं
पुलिस को दी तहरीर में पिता ने बताया कि पुत्र की कार गहरे पानी में गिर गई थी। प्लॉट पर कोई बैरिकेडिंग व रिफ्लेक्टर नहीं था। जिसके कारण यह घटना हुई। एमजेड विशटाउन प्लॉनर और डेवलपर आर्टच डेवलपर की ओर से गंभीर लापरवाही हुई है।
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नोएडा के सेक्टर-150 में हुई कार दुर्घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
लोगों का लगा रहा जमावड़ा
घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और बिल्डर और प्राधिकरण की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते बेसमेंट को सुरक्षित किया गया होता। चेतावनी बोर्ड व बैरिकेड लगाए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था।
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नोएडा के सेक्टर-150 में दुर्घटना ग्रस्त कार सवार को निकालने के लिए जाती एसडीआरएफ की टीम
- फोटो : अमर उजाला
मदद के लिए 12 बजे भेजा संदेश, रात 3 बजे हुआ डिलीवर
नोएडा के सेक्टर-150 में करोड़ों के फ्लैट खरीदने के बाद भी वहां के निवासियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। निवासियों का कहना है कि सेक्टर में नेटवर्क की बहुत समस्या है। ऐसे में कई बार फोन और मैसेज नहीं आ पाता है। निवासियों ने बताया कि युवराज के पिता ने सोसाइटी के ग्रुप पर 12 बजे युवराज के पानी में गिरने का मैसेज भेजा था, लेकिन नेटवर्क नहीं होने की वजह से मैसेज रात 3 बजे मिला, तब तक युवराज इस दुनिया से जा चुके थे। यदि नेटवर्क होता तो निवासियों को समय पर युवराज के पिता का मैसेज मिल जाता। इससे युवराज की जान बचाई जा सकती थी।
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नोएडा के सेक्टर-150 में हुए हादसे के बाद घटना स्थल पर लगाए गए बैरियर
- फोटो : अमर उजाला
सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी निवासी युवराज की मौत के बाद आसपास की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। निवासियों का कहना है कि करोड़ों रुपये के फ्लैट खरीदने के बाद भी हमारी मांगें नहीं सुनी जा रही है।
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नोएडा के सेक्टर -150 स्थित गड्ढे में जहां कार गिरी थी उसके दूसरी तरफ भी नहीं है कोई बैरिकेड
- फोटो : अमर उजाला
समस्याओं के संबंध में नोएडा प्राधिकरण, विधायक और जनसुवाई पोर्टल पर गुहार लगाकर थक चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। निवासियों ने बताया कि सेक्टर में अंदर नाले खुले हैं। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट भी नहीं लगी हैं। शाम होते ही यहां पर अंधेरा हो जाता है।
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इंजीनियर युवराज की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खुले नाले में छह माह पहले गिरी थी बच्ची
नाले खुले होने की वजह से छह महीने पहले नाले में एक 6-7 साल की बच्ची गिर गई थी, लेकिन नाले आज तक बंद नहीं हुए। अमन निझावन, टाटा यूरेका पार्क
6 सेक्टर के अंदर सफाई नहीं होती है क्योंकि सेक्टर के लिए सफाई का टेंडर ही नहीं हुआ। यहां पर प्रदूषित वातावरण रहता है। -रूपेंद्र, एटीएस होमक्रॉफ्ट पायस
सेक्टर के अंदर स्पीड ब्रेकर नहीं बने हैं और स्पीड ब्रेकर की मार्किंग भी नहीं है। इससे एक्सीडेंट होने का खतरा बना रहता है। -समीर सैनी, एल्डिको लाइव बाई द ग्रीन्स
सेक्टर के अंदर रात को पुलिस की पेट्रोलिंग नहीं होती है। रास्ते भी बहुत खराब हैं इससे दुर्घटना होने का खतरा हमेशा बना रहता है। उपेंद्र, समृद्धि लक्जीरिया एवेन्यू
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Noida Accident
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
क्या है मामला
ग्रैंडियोस के समीप टी प्वाइंट के पास शुक्रवार देर रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होने के बाद गहरे नाले की दीवार तोड़ते हुए पानी से भरे बेसमेंट में करीब 70 फीट दूर जा गिरी थी। नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस, दमकल टीम, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीम ने कई घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 30 फीट गहरे पानी से युवक को निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
इंजीनियर युवराज के पिता का दर्द
- फोटो : अमर उजाला
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस द्वारा, फायर ब्रिगेड को जोड़कर उनके लेडर, क्रेन, सर्च लाइट, बोट के जरिये उसे बचाने काप्रयास किया। फाइनल ऑपरेशन में एनडीआरएफ को जोड़ा गया। मगर न्यूनतम दृश्यता शून्य के कारण परेशानी हुई। घटना के संबंध में पीड़ित परिवार की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।-डॉ राजीव नारायण मिश्र, अपर पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था, गौतमबुद्धनगर