प्रधानमंत्री नरेंद्र 11 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जाकर सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद दशकों से अटकी यह परियोजना शुरू हो जाएगी जिससे यूपी के एक बड़े भाग को कई तरह की राहत मिलेगी।
सीएम ने गुरुवार को किया था दौरा
बलहा विधानसभा क्षेत्र स्थित गोपिया बैराज का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि चूंकि परियोजना के समस्त कार्यक्रम पूर्व निर्धारित थे अन्यथा सीडीएस जनरल विपिन रावत के निधन पर इन्हें टाल दिया जाता। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत भी सीडीएस को श्रद्धांजलि देते हुए की। इसके बाद पूरे बैराज का पैदल भ्रमण कर बारीकियां भी परखीं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने सरयू नहर परियोजना का महज 52 फीसदी कार्य 40 वर्षों में कराया था। 48 फीसदी कार्य इस सरकार ने चार वर्षों में करा दिया।
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- फोटो : अमर उजाला
सरकार के अनुसार यह परियोजना 1978 में शुरू हुई थी लेकिन तब से ही बजट की कमी, विभागों के आंतरिक संयोजन में कमी, उचित निगरानी न होने के चलते टलता चला आ रहा था और चार दशकों तक पूरा नहीं हो सका।
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पीएम नरेंद्र मोदी ने 2016 में दशकों से लटकी इस परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंदर डाल दिया जिससे सुनिश्चित हो सके कि यह परियोजना एक निश्चित अवधि में पूरी हो।
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बीते चार सालों में इस परियोजना को पूरा करने के लिए भूमि अधिग्रहण के नए तरीके निकाले गए। इस प्रोजेक्ट की राह में अन्य जो रोड़े थे उन्हें भी दूर करने के लिए कई अलग-अलग प्रयास किए गए। इसी प्रयास के चलते यह परियोजना बीते चार से में पूरी हो चुकी है।
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सरयू नहर परियोजना की लागत 9800 करोड़ रुपये है जिसमें से 4600 करोड़ रुपये से ज्यादा बीते चार साल में खर्च हुए हैं। यह परियोजना पांच नदियों को जोड़ने का भी काम करती है। यह नदियां घाघरा, सरयू, राप्ती, बाणगंगा और रोहिणी हैं, जिससे इस पूरे क्षेत्र में जल का सही उपयोग हो सके।
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इस परियोजना से 14 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई सुनिश्चित होगी और 6200 गांवों के 29 लाख किसानों को भी लाभ मिलेगा।
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इस परियोजना से उत्तर प्रदेश के नौ जिलों- बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संत कबीर नगर, गोरखपुर और महराजगंज को लाभ मिलेगा।
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इस परियोजना के लटकने के चलते इन क्षेत्रों के जो किसान थे वह अब इसके बनने से बहुत लाभ पाएंगे। उन्हें सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा जिससे वह बड़ी मात्रा में फसलें बो सकेंगे और अपनी जमीनों का फायदा उठा सकेंगे।
पीएम के आगमन से पहले सीएम ने गुरुवार को परियोजना स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि अब बाढ़ जैसी विभीषिका और सिंचाई की समस्या का निदान मिलने जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह परियोजना 318 किलोमीटर लंबी है जबकि 6590 किलोमीटर में इसके लिंकेज हैं। अब इस परियोजना को किसानों के हवाले किया जा रहा है। कार्यक्रम में एडिशनल एसपी कुंवर ज्ञानेंजय सिंह के अलावा बलहा विधायक प्रतिनिधि आलोक जिंदल, नानपारा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि कृपाराम वर्मा आदि मौजूद रहे।