फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोएडा हिंसा में खुलासा: 'नहीं सुलगता शहर अगर..', फेज-2 में हुईं थीं 100 से अधिक सभाएं; दिखाए जाते थे ये वीडियो

Sun, 19 Apr 2026 01:23 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा/ग्रेटर नोएडा

सार

नोएडा में वेतनवृद्धि को लेकर प्रदर्शन में तोड़फोड़ और आगजनी पर पुलिस व एसटीएफ के खुलासे के बाद फेज-2 के श्रमिक भी हैरान हैं। श्रमिक रूपेश, आदित्य आनंद और मनीषा की फोटो देखकर कह रहे हैं कि ये सभी तो कंपनी के कर्मचारी थे। 30 मार्च के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में 100 से ज्यादा नुक्कड़ सभाएं हुई थीं।
विज्ञापन
1 of 17
Noida Violence - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
मजदूर बिगुल दस्ता प्रमुख रूपेश राय नोएडा से पहले ग्रेटर नोएडा में माहौल बिगड़ाने का प्रयास कर चुका है। तब मुख्यमंत्री पोर्टल और पुलिस से इसकी लिखित शिकायत भी की गई थी। आरोप है कि पुलिस ने उस पर कार्रवाई नहीं की।

जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने नोएडा में श्रमिकों को उकसाया। आरोप है कि रूपेश ने कुलेसरा के डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भी आंदोलन के लिए उकसाया था। आरोपी ने काफी भड़काऊ भाषण दिया था जिसके बाद लोगों ने उसे आंदोलन से अलग कर दिया था।

13 अप्रैल को वेतन वृद्धि को लेकर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक सेक्टरों में श्रमिकों ने उग्र प्रदर्शन किया था। उपद्रव कर कंपनियों में तोड़फोड़ करने के साथ वाहनों में आग लगा दी गई।
पुलिस ने इस मामले में मजदूर बिगुल दस्ता प्रमुख रूपेश रॉय व अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। 
 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 17
सेक्टर 60 के पास जमा लोगों पर पुलिस ने भाजी लाठियां - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इन सब पर अलग-अलग जगह बैठक कर अशांति फैलाने का आरोप है। आरोपी रूपेश रॉय कुलेसरा गांव में रहता था। गांव के डूब क्षेत्र में रहने वाले लोग लंबे समय से बिजली कनेक्शन की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन

3 of 17
सेक्टर 60 के पास जमा लोगों पर पुलिस ने भाजी लाठियां - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिछले साल लोगों ने कनेक्शन की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन भी किया था जिसमें रूपेश भी शामिल था। तब कनेक्शन की मांग करने वाले आंदोलन का नेतृत्व करने वाले प्रमुख व्यक्ति ने रूपेश के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की थी। साथ की पुलिस कमिश्नर को ई-मेल पर शिकायत भेजने के साथ थाना स्तर पर भी लिखित शिकायत की थी। जिसमें आरोपी की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई थी।

 

4 of 17
सेक्टर 57 में पुलिस बल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शिकायतकर्ता ने पुलिस को लिखा था कि वो आने वाले किसी भी धरना-प्रदर्शन का हिस्सा नहीं रहेगा। इस संबंध में किसी से संपर्क भी करने से इन्कार किया था। तब रूपेश 200 से 300 मजबूर व भोले भाले लोगों को प्रदर्शन में शामिल करने की साजिश रच रहा था। वह लोगों को भड़काऊ भाषण देता था। जबकि एनपीसीएल की तरफ से कार्रवाई के संबंध में लिखित पत्र दिया जा चुका था।

 
विज्ञापन

5 of 17
सेक्टर 58 के पास दोपहर में खाना खाने निकले लोग। खड़े पुलिसकर्मी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संदिग्ध थीं घर पर होने वाली गतिविधियां
शिकायतकर्ता ने बताया कि पिछले साल 21 मई, 17 दिसंबर और इस साल दो जनवरी को शिकायत की गई है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज शिकायत का नंबर 40014125016972 था। आरोप है कि आरोपी के घर की गतिविधियां संदिग्ध थी। लोगों से धर्म से जुड़ी गतिविधियां होने की भी शिकायत की थी। पुलिस से जांच में सहयोग दिलाने का भी आश्वासन दिया गया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।

 
विज्ञापन

6 of 17
सेक्टर 60 के पास जमा लोगों पर पुलिस ने भाजी लाठियां - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फेज-2 में हुईं थीं 100 से ज्यादा नुक्कड़ सभाएं
वेतनवृद्धि को लेकर प्रदर्शन में तोड़फोड़ और आगजनी पर पुलिस व एसटीएफ के खुलासे के बाद फेज-2 के श्रमिक भी हैरान हैं। श्रमिक रूपेश, आदित्य आनंद और मनीषा की फोटो देखकर कह रहे हैं कि ये सभी तो कंपनी के कर्मचारी थे।

 
विज्ञापन

7 of 17
सेक्टर 60 के पास जमा लोगों पर पुलिस ने भाजी लाठियां - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दिखाए जाते थे मानेसर के वीडियो
चारों जगह-जगह पर लोगों को रोक कर समझाते थे और गुरुग्राम के मानेसर के वीडियो दिखाते थे। यह कहते थे कि वेतन बढ़वाना है तो एकजुट होना होगा। श्रमिकों के मुताबिक चारों व्हॉट्सएप नंबर भी देते थे और फेसबुक पर मजदूर बिगुल का पेज भी दिखाते थे। 30 मार्च के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में 100 से ज्यादा नुक्कड़ सभाएं हुई थीं।

 

8 of 17
फ्लैग मार्च करती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कामगारों ने बताया कि रूपेश और उनकी टीम ने उनके बीच आकर उनसे संपर्क किया और उनकी बातों में हां में हां मिलाते हुए हक की आवाज उठाने की बात और प्रदर्शन की बात करने लगे। शनिवार को रूपेश राय प्रदर्शन के वक्त सामने आए।

 

9 of 17
नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान बाइक और कारों में लगाई आग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोप है कि उन्होंने फेज-2 अंतर्गत एनएसईजेड मेट्रो स्टेशन के पास भंगेल एलिवेटेड का रैंप उतरने वाले चौराहे पर प्रदर्शनकारियों को भड़काना शुरू कर दिया। इसके अलावा वह अन्य लोगों को भी शामिल करने के प्रयास में जुटे रहे। कामगारों ने बताया कि वह इन लोगों की मंशा नहीं भांप पाए।

 

10 of 17
नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज करती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रदर्शन के दौरान अपने भाषण में न तो अपने संगठन के बारे में बताते थे, बल्कि वह उनके साथ ही एक बतौर कामगार के तौर पर दिखाते थे। उन्हें भी इस बात पर विश्वास हो गया और वह उनकी बातों में आने लगे। 

11 of 17
नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ करते प्रदर्शनकारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कंपनियों में सुरक्षा कड़ी हर गतिविधि पर नजर
नोएडा शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में अब धीरे-धीरे हालात सामान्य होने लगे हैं। शनिवार तक करीब 80 फीसदी कामगार काम पर लौट आए। इस बीच कंपनियों में प्रवेश से लेकर हर गतिविधि पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है।

 

12 of 17
noida protest - फोटो : अमर उजाला
उद्यमियों के अनुसार औद्योगिक इकाइयों में अब 360 हाई रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इन कैमरों के जरिए फैक्टरी परिसर, प्रवेश-निकास द्वार, पार्किंग और संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी।

 

13 of 17
नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज करते हुए गिरा पुलिसकर्मी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके अलावा उद्यमियों ने निगरानी बढ़ाने के लिए अपने स्तर पर अलग-अलग टीमें गठित की हैं जो सुरक्षा व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं। कंपनियां अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की भर्ती भी कर रही हैं। कई फैक्ट्रियों के गेट पर नए गार्ड तैनात किए जा रहे हैं और आने-जाने वाले हर व्यक्ति की सख्ती से जांच की जा रही है।

14 of 17
नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान पथराव करते प्रदर्शनकारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों को भी सख्ती से लागू किया जा रहा है। कंपनियों के मुख्य द्वार पर दिशानिर्देशों के बोर्ड लगाए जा रहे हैं ताकि कर्मचारियों और आगंतुकों को स्पष्ट जानकारी मिल सके और नियमों का पालन सुनिश्चित हो।

 

15 of 17
नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान महिला पर लाठीचार्ज भांजती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नए कामगारों की भर्ती शुरू 
श्रमिकों की कमी को दूर करने के लिए उद्योगों ने बड़े पैमाने पर कामगारों की भर्ती करना शुरू कर दिया है। कई कंपनियों के बाहर भर्ती जारी है के बोर्ड लगे हुए हैं और पूरी क्षमता के साथ उद्योग संचालित करने के प्रयास जारी हैं। जो कर्मचारी प्रदर्शन के बाद काम पर नहीं लौटे हैं उनसे काम पर लौटने की अपील की जा रही है।
 

16 of 17
नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान पथराव करते प्रदर्शनकारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सरकार से की कच्चे माल से महंगाई घटाने की मांग
उद्यमियों ने कहा है कि जिस तरह से उन पर ईरान संकट के बाद आर्थिक संकट की दोहरी मार पड़ी है। उस बीच उद्यम चलाना खासकर छोटे उद्यमियों के लिए उद्यम चलाना और भी कठिन हो गया है। ऐसे में यदि कामगारों को वेतन बढ़ाकर दिया जा रहा है तो कम से कम कच्चे माल के दाम पर सरकार लगाम लगाए ताकि जो उत्पादन घटा है और लागत बढ़ी है। इसे कम किया जा सकें, अन्यथा इसका सीधा असर घरेलू बाजार पर महंगाई के तौर पर दिखेगा।
 
विज्ञापन

17 of 17
नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान सेक्टर 63 के थाने पर प्रदर्शन करते प्रदर्शनकारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बोले कारोबारी
हमने प्रशासन से कहा है कि यदि हमने वेतन वृद्धि की है इसलिए कम से कम कच्चे माल के बढ़ने दाम को काबू किया जाए। - सुरेंद्र नाहटा, अध्यक्ष, एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
छोटे उद्यमियों को सबसे ज्यादा दिक्कत आ रही है। वेतन बढ़ाना कठिन हो गया है, दूसरी तरफ कच्चा माल भी महंगा है। शिखा मिश्रा, पेंट कारोबारी
कंपनियों में सुरक्षा पहले से काफी बेहतर की गई है। हर जगह गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। सुधीर श्रीवास्तव, एनईए उपाध्यक्ष
उद्यमी एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। बातचीत कर हाल चाल ले रहे हैं। स्थिति सामान्य करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। अमित सिंघल, लघु उद्योग भारती, नोएडा इकाई

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें