पिता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस की ओर से बिल्डर कंपनी के जिम्मेदारों से पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी गई है। पुलिस की ओर से जल्द ही दोनों बिल्डर कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा। इंजीनियर की मौत के मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने रविवार को दो बिल्डर कंपनी एमजे विशटाउन व लोटस ग्रीन खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 स्थित बेसमेंट में गिरने के कारण सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले जानकारी के लिए सोमवार दोपहर को एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान जैसे ही मीडिया को इसकी जानकारी हुई। वह मीडिया के कैमरे से घिर गए। जब उनसे पूछा गया कि क्या प्राधिकरण की लापरवाही से हादसा हुआ है तो वह चुप गए हैं। उन्होंने कहा है कि घटना दुखद है। जिसकी जांच हो रही है।
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नोएडा के सेक्टर-150 में हुए हादसे में टूटी पड़ी नाले की दीवार
- फोटो : अमर उजाला
'हमारा काम जिंदा आदमी को निकालना, कार को नहीं'
वहीं हादसे के तीन बाद भी युवराज की कार अभी भी बेसमेंट के उस गड्ढे में फंसी हुई है। जिसमें पानी भरा है। बेसमेंट जमा पानी का स्तर बढ़ने के बजाए घट रहा है। वहीं मामले में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, दमकल ने पानी में डूबी कार को निकालने से मना कर दिया है। सभी विभागों का कहना है कि उनका काम जिंदा व्यक्ति को बचाना है। डूबी हुई कार को निकालना नहीं। इसकी जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस की है।
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नोएडा के सेक्टर-150 में दुर्घटना ग्रस्त कार सवार को निकालने के लिए जाती एसडीआरएफ की टीम
- फोटो : अमर उजाला
नोएडा प्राधिकरण निकालेगा कार
नोएडा प्राधिकरण द्वारा पहले बेसमेंट और गड्ढे से पानी निकालने के लिए पंप लगाए जाने की तैयारी की जा रही है। पानी पूरी तरह निकलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम कार को बाहर निकालने की कार्रवाई करेगी। पुलिस की ओर से नोएडा प्राधिकरण की ओर से कहा गया है कि नाले में जिन नालों से पानी आ रही है। पहले उसे बंद कराया जाए। साथ ही डूबी हुई कार को निकालने के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाए।
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इंजीनियर युवराज के पिता का दर्द
- फोटो : अमर उजाला
पिता ने हरिद्वार जाकर किया अस्थि विसर्जन
मामले में युवराज मेहता के पिता ने सोमवार को हरिद्वार जाकर अस्थि विसर्जन किया। इस दौरान उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। पिता का कहना है कि मामले में लापरवाही अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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नोएडा के सेक्टर-150 में हुई कार दुर्घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़
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बिल्डर कंपनी को नोटिस जारी करने की तैयारी
पिता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस की ओर से बिल्डर कंपनी के जिम्मेदारों से पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी गई है। पुलिस की ओर से जल्द ही दोनों बिल्डर कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा। इंजीनियर की मौत के मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने रविवार को दो बिल्डर कंपनी एमजे विशटाउन व लोटस ग्रीन खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मामले में मृतक के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर बिल्डर के खिलाफ बीएनएस की धारा-105 (गैर इरादतन हत्या), 106 (1) (किसी व्यक्ति के द्वारा की गई लापरवाही या जल्दबाजी से किसी व्यक्ति की मृत्यु, धारा-125 (मानव जीवन या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने) की धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस को दी तहरीर में पिता ने बताया कि पुत्र की कार गहरे पानी में गिर गई थी। यह प्लॉट सेक्टर-150 के एमजेड विशटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड का है। जमीन लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की थी। जहां लगभग 50 फुट गहरा गड्डा खोदा गया था। उसमें पानी था। प्लॉट पर कोई बैरिकेडिंग व रिफ्लेक्टर नहीं था। जिसके कारण यह घटना हुई। एमजेड विशटाउन प्लॉनर और डेवलपर आर्टच डेवलपर की ओर से गंभीर लापरवाही हुई है।
लोगों में आक्रोश, कैंडल मार्च निकालकर न्याय की मांग
- फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोगों में दिखा आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। निवासी और स्थानीय गांव के लोग जब भी घटना स्थल के पास निकलते हैं तो वह प्राधिकरण के साथ जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं। निवासियों का कहना है कि समय रहते अगर बैरिकेड, रिफ्लेक्टर और खाली प्लॉट को टीन शेड से ढंकने का प्रयास किया गया तो सॉफ्टवेयर इंजीनियर को अपनी जान से बाथ नहीं धोना पड़ता।