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नोएडा में इंजीनियर की मौत: तीन दिन बाद पानी से निकाली गई युवराज की कार, फॉरेंसिक जांच कराने की तैयारी में SIT

Tue, 20 Jan 2026 08:22 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा

सार

बीते शुक्रवार रात को ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 के पास हुए दर्दनाक हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार समेत डूबने से मौत हो गई थी। जिस कार में मृतक युवराज मेहता थे उसे एनडीआरएफ की टीम ने हादसे के करीब तीन दिन बाद पानी से बाहर निकाल लिया।  
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पानी से निकाली गई सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार - फोटो : अमर उजाला
बीते शुक्रवार रात को ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 के पास हुए दर्दनाक हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार समेत डूबने से मौत हो गई थी। जिस कार में मृतक युवराज मेहता थे उसे एनडीआरएफ की टीम ने हादसे के करीब तीन दिन बाद पानी से बाहर निकाल लिया। 



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नोएडा हादसे में डूबी कार - फोटो : अमर उजाला
फॉरेंसिक जांच कराने की तैयारी में एसआईटी
कई घंटे तक पानी के अंदर पड़ी रही कार की हालत बहुत खराब थी। इसके शीशे टूटे हुए थे और सनरूफ भी टूट गया था। माना जा रहा है कि पानी के अत्यधिक दवाब के कारण गाड़ी के शीशे टूटे होंगे। कार बरामद होने के बाद अब साफ हो सकेगा कि कहीं कार में कोई खराबी के कारण तो यह हादसा नहीं हुआ। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी कार की फॉरेंसिक जांच कराई जाने की तैयारी की जा रही है।
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कार को ट्रक में भरकर ले जाते पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
हादसे के बाद जागा प्रशासन
हादसे के बाद राज्य सरकार ने नोएडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) लोकेश एम को हटा दिया। इस घटना की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए मुख्यमंत्री के आदेश पर तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी ने मंगलवार से अपना काम शुरू कर दिया है और नोएडा प्राधिकरण पहुंचकर जांच की। करीब 2 घंटे नोएडा प्राधिकरण दफ्तर में रहने के बाद, एसआईटी घटनास्थल के लिए रवाना हुई। एसआईटी से पांच दिन में जांच रिपोर्ट तलब की गई है। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने एमजेड विजटाउन के मालिक बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया है।

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दुर्घटनाग्रस्त कार - फोटो : अमर उजाला
प्रशासन पर उठ रहे थे गंभीर सवाल
सेक्टर-150 क्षेत्र में भारी जलभराव के दौरान सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार पानी से भरे गड्ढे/अंडरपास में फंस गई थी, जिससे कार समेत व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, विकास प्राधिकरण और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
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नोएडा सॉफ्टवेयर इंजीनियर मौत केस - फोटो : अमर उजाला
वराज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट
ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 में सड़क हादसे के बाद दलदल में डूबे सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि युवराज की मृत्यु का कारण दम घुटना बताया गया है। पोस्टमार्टम के अनुसार उनके फेफड़ों में करीब साढ़े तीन लीटर पानी भरा हुआ पाया गया, जिससे यह साबित होता है कि वह काफी देर तक पानी में डूबे रहे।
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ग्रेटर नोएड़ा सेक्टर 150 में इंजीनियर की मौत मामला - फोटो : अमर उजाला
फेफड़ों में पानी भरा, हार्ट फेलियर भी हुआ
डॉक्टरों की रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबे समय तक पानी में रहने से उनके फेफड़ों में भारी मात्रा में पानी चला गया, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक गई और दम घुटने की स्थिति पैदा हुई। इसी दौरान शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ने से हार्ट फेलियर भी हुआ, जो मौत का तत्काल कारण बना। 
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एडीजी भानु भास्कर - फोटो : अमर उजाला
एडीजी ने कही ये बात
मेरठ जोन एडीजी भानु भास्कर ने कहा, "हमारी एसआईटी ने इसमें काम शुरू कर दिया है, शासन के निर्देश पर पांच दिन में इसकी रिपोर्ट दे देंगे। सभी लोगों से बातचीत की जाएगी और सभी से बातचीत करने के बाद ये देखना होगा कि ये किन कारणों से और परिस्थितियों में यह घटना घटी है। हम घटना की जांच कर रहे हैं जांच के बाद हम प्रशासन को अवगत कराएंगे"

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