निक्की भाटी के मासूम बेटे को अब भी अपनी मां के लौटने का इंतजार है। वह परिवार और मौसी से पूछता है कि मम्मी अस्पताल से कब लौटेंगी। वो मां को भूल नहीं पा रहा है।
ग्रेटर नोएडा के कासना कोतवाली के सिरसा गांव की बुटीक संचालिका निक्की की मौत के बाद उसका पुत्र अविश अब भी मां के लौट आने की आस लगाए बैठा है। कक्षा-एक में पढ़ने वाला मासूम बार-बार अपनी मौसी कंचन से मम्मी के बारे में पूछता है। कंचन उसे दुलार कर यही समझाती है कि मम्मी अस्पताल गई हैं, जल्दी आ जाएंगी। बच्चे की मासूम आंखों में उम्मीद की किरण अब भी बाकी है, लेकिन सच्चाई बताने की हिम्मत किसी में नहीं जुट पा रही।
कंचन का कहना है कि जब भी अविश रोता या मम्मी के बारे में पूछता है तो उसे खेल-कूद और खाने-पीने में उलझा दिया जाता है। घटना के बाद से न सिर्फ अविश (6), बल्कि कंचन की बेटी लवनिया (कक्षा-2) और बेटा दविश (यूकेजी) भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
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Nikki murder case
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों ने बताया कि तीनों बच्चों का दाखिला एनटीपीसी स्थित डीपीएस स्कूल में कराने की तैयारी है। इसके लिए पुलिस, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मदद भी मांगी गई है। परिजन बताते हैं कि बच्चे को अब तक यह नहीं बताया गया है कि उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं है।
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पति विपिन के साथ निक्की
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी के परिजन बोले बच्चे की कस्टडी के लिए जाएंगे कोर्ट
उधर, विपिन के परिजन मोनू ने बताया कि घटना के बाद विपिन और उसका परिवार फरार नहीं हुए थे। परिवार के लोग ही अस्पताल ले गए थे। पुलिस जांच के दौरान विपिन को पुलिस के बारे में परिजन ने ही जानकारी दी थी। आरोप है कि विपिन और रोहित के बच्चों को कंचन ने बेघर किया है। कोर्ट के माध्यम से तीनों बच्चों की कस्टडी की मांग की जाएगी।
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निक्की की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी के चचेरे भाई देवेंद्र का कहना है कि घटना के बाद से निक्की का मोबाइल कहां है उन्हें नहीं मालूम। यह कंचन ही बता सकती है। वह खुद निक्की को अस्पताल गए थे। अस्पताल में विपिन की मां, पिता के अलावा बाद में रोहित भी पहुंचा था। यहां करीब दो घंटे उपचार के बाद निक्की को सफदरजंग अस्पताल एबुलेंस से रेफर किया गया था।
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निक्की की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग
विपिन के परिजन, ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने रविवार सुबह गांव में बैठक की। उसके बाद सभी कासना कोतवाली पहुंचे और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि निक्की के अंतिम संस्कार के बाद पूरी कहानी एकदम से बदल दी गई है। जरूरत पड़ी तो मामले में प्रदेश के सीएम, डीजीपी व पुलिस आयुक्त से भी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि अगर मामले की जांच अगर सीबीआई से कराई जाए तो और अच्छा होगा। आरोपियों की जमानत अर्जी इस हफ्ते दाखिल की जा सकती है।
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निक्की की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने निक्की के घर रूपवास गांव पहुंचकर दर्ज किए परिजनों के बयान
ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में निक्की हत्याकांड को लेकर रविवार को पुलिस निक्की के परिजनों से बयान लेने के लिए रूपवास गांव पहुंची। निक्की के पिता व भाई से अलग-अलग बयान दर्ज किए गए। निक्की के पुत्र के भी बयान दर्ज किए।
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निक्की के पिता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में 21 अगस्त को निक्की की संदिग्ध हालत में जलकर मौत हो गई थी। निक्की बहन ने मृतका के पति विपिन, सास दया, ससुर सतवीर, जेठ रोहित समेत चार के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार भी कर लिया है।
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मोबाइल और पेन ड्राइव वाले आरोप को गलत बताती मृतक निक्की की बहन कंचन
- फोटो : वीडियो ग्रैब
रविवार दोपहर करीब दो बजे 10 से अधिक पुलिसकर्मी रूपवास गांव पहुंचे। उन्होंने पहले निक्की के पिता से घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली गई। साथ ही उनके बयान दर्ज किए।
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निक्की का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
निक्की के पिता भिखारी सिंह ने बताया कि जब वह अस्पताल पहुंचे थे तो निक्की बोलने की हालत में नहीं थी। उनके परिवार के लोग ही अस्पताल लेकर गए थे। पुलिस की ओर से सभी के बयानों की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई है। बहन कंचन के बयान को कासना कोतवाली में पहले ही दर्ज किया जा चुका है।
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विरोध प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गुर्जर समाज के लोग बोले-गलत का साथ नहीं दिया जाएगा
निक्की हत्याकांड में गुर्जर समाज की भी बदनामी हो रही है। हर तरफ दहेज की चर्चा हो रही है। इस पर गुर्जर समाज के लोगों का कहना है कि गलत का साथ नहीं दिया जाएगा। दहेज के लिए बेटी को जलाकर मारने की घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दी जाए। दहेज के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए पंचायत की जाए।
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बहन कंचन के साथ निक्की का फाइल फोटो
- फोटो : Facebook/kanchanbhati
अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय महासचिव रामशरण नागर का कहना है कि सिरसा में दहेज के लिए बेटी को जलाकर मारने की घटना शर्मनाक है। दोनों पक्षों में किसी की भी गलती हो। बेटी की मौत तो जलने से ही हुई है। किस हालत में घटना घटी, इसकी निष्पक्ष जांच करके दोषियों को सजा दी जाए। समाज का दायित्व बनता है कि वह दहेज जैसे बुराइयों के खिलाफ अभियान चलाकर जागरूकता फैलाए।
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Nikki murder case
- फोटो : अमर उजाला
सपा के प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने कहा कि सामाजिक बुराई दहेज के चलते बेटी को खोया है। सामाजिक जागरूकता की जरूरत है। बेटियों को पढ़ाकर सक्षम बनाएं। हर जाति और समाज के लोगों को दहेज को लेकर जागरूक किया जाए। बसपा के ओबीसी भाईचारा संगठन के जिला संयोजक मनवीर भाटी का कहना है कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। घटना में जो भी दोषी है उनको कठोर सजा मिलनी चाहिए जिससे दहेज के लोभियों को सबक मिल सके।
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nikki murder
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोप, 35 लाख दहेज की थी मांग, निक्की को जला डाला
ग्रेटर नोएडा के दादरी के रूपवास गांव की निक्की की 27 दिसंबर, 2016 में सिरसा गांव के विपिन से शादी हुई थी। निक्की की बड़ी बहन कंचन की शादी विपिन के भाई से हुई है। पिता भिकारी सिंह का आरोप है कि ससुराल वाले 35 लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर निक्की को परेशान करते थे। 21 अगस्त की शाम को पति विपिन ने मां दया के साथ मिलकर निक्की को जिंदा जला दिया था। गंभीर रूप से झुलसने पर निक्की को अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन इलाज के दौरान निक्की ने दम तोड़ दिया।
निक्की हत्याकांड के आरोपी ससुर और जेठ भी गिरफ्तार
निक्की भाटी दहेज हत्याकांड में आरोपी ससुर सतवीर (55) और जेठ रोहित भाटी (30) को पुलिस ने 24 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया था। वारदात के बाद से ही दोनों फरार थे। पुलिस ने सास दया, ससुर और जेठ को सूरजपुर स्थित कोर्ट में पेश किया, जहां से तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी पति विपिन भाटी पहले ही जेल भेजा जा चुका है।