पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका के पति, सास, ससुर और जेठ ने पहले से योजना बनाकर तय किया था कि घटना के दौरान वह अलग-अलग स्थानों पर मौजूद हों, ताकि यह दर्शाया जा सके कि आग लगने में उनका कोई हाथ नहीं था। सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन के अनुसार इन आरोपियों ने प्रयास किया कि वह घटना के समय कहीं और देखे जाएं।
ग्रेटर नोएडा स्थित सिरसा गांव में निक्की भाटी की मौत के मामले में कासना कोतवाली पुलिस की विवेचना में बड़ा खुलासा हुआ है। चार्जशीट में मृतका के छह साल के बेटे के बयान ने हत्या और षड्यंत्र का मामला मजबूत किया है।
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निक्की हत्याकांड में नया ट्विस्ट
- फोटो : अमर उजाला
चार्जशीट के मुताबिक निक्की का छह साल का बेटा भी घटनास्थल पर मौजूद था
पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट के मुताबिक निक्की का छह साल का बेटा भी घटनास्थल पर मौजूद था। उसके बयान ने पूरा मामला स्पष्ट कर किया है। उसने कहा कि पापा ने मम्मी को मारा, उनके ऊपर कुछ डाला और आग लगा दी। इसके बाद वह पड़ोसी की छत से कूदकर भाग गए थे। बच्चे के बयान ने पुलिस की विवेचना को ठोस आधार दिया है। बच्चे के इस बयान ने पुलिस की विवेचना को ठोस आधार दिया है। बच्चे के कथन को मनगढ़ंत नहीं माना जा सकता क्योंकि वह घटना का प्रत्यक्षदर्शी था।
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निक्की हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
योजनाबद्ध तरीके से की गई हत्या
पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट के अनुसार यह कोई हादसा नहीं, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से की गई हत्या है। जिसे मृतका के पति विपिन भाटी, ससुर सत्वीर, सास दया और जेठ रोहित भाटी ने मिलकर अंजाम दिया है। पूरा परिवार इस घटना में आरोपी पाया गया है। पुलिस ने मामले में विस्तृत साक्ष्य, गवाहों के बयान, सीसीटीवी फुटेज, चिकित्सकीय रिपोर्ट, फॉरेंसिक रिपोर्ट और मृतका के बेटे के बयान के आधार पर हत्या और षड्यंत्र का मामला मजबूत किया है।
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निक्की को आग लगाकर मार डाला
- फोटो : अमर उजाला
शाम करीब 5:45 बजे निक्की को लगाई गई आग
22 अगस्त 2025 को मामले में कंचन जो मृतका निक्की की बहन है। उसने कासना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि 21 अगस्त की शाम करीब 5:45 बजे निक्की को उसके पति विपिन, सास दया, ससुर सत्यवीर और जेठ रोहित ने ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। वह गंभीर रूप से झुलस गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। विवेचना के दौरान प्रारंभिक तौर पर अस्पताल के डॉक्टरों और नर्स के बयान आए कि निक्की ने उन्हें कहा था कि सिलेंडर फटने से वह जली है। लेकिन जब आगे जांच बढ़ी, तो यह कथन परिस्थितियों और घटनास्थल के साक्ष्यों से मेल नहीं खाया।
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nikki murder
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नहीं मिला सिलेंडर फटने का सुराग
फील्ड यूनिट प्रभारी और टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। निरीक्षण में पाया गया कि घर में ऐसा कोई भी चिह्न नहीं था, जिससे यह दावा सिद्ध हो सके कि गैस सिलेंडर फटा था। कोई विस्फोट के निशान, टूटा सिलेंडर, जली पाइप, या गैस लीक होने की स्थिति नहीं थी। इसके विपरीत, घटनास्थल से कपड़ों के टुकड़े, लाइटर, क्लेचर और थिनर से संबंधित साक्ष्य मिले, जो आगजनी को ‘मानव-निर्मित’ बताते थे। आरोपी विपिन को 23 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। उसकी निशानदेही पर डिक्सन कंपनी तिराहे के पास ग्रीन बेल्ट की झाड़ियों से थिनर की बोतल बरामद की गई। आरोप है कि निक्की के ऊपर यही थिनर डाला गया था और लाइटर लेकर आग लगाई गई थी। यह बरामदगी अभियोजन के लिए अहम कड़ी साबित हो सकती है।
परिवार ने मौके से दूर दिखाने के लिए रची थी योजना
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका के पति, सास, ससुर और जेठ ने पहले से योजना बनाकर तय किया था कि घटना के दौरान वह अलग-अलग स्थानों पर मौजूद हों, ताकि यह दर्शाया जा सके कि आग लगने में उनका कोई हाथ नहीं था। सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन के अनुसार इन आरोपियों ने प्रयास किया कि वह घटना के समय कहीं और देखे जाएं। लेकिन चार्जशीट के अनुसार यह कहानी जानबूझकर बनाया गई थी और उनकी गतिविधियां संदेहपूर्ण पाई गईं।
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मृतक निक्की की बहन कंचन
- फोटो : वीडियो ग्रैब
अस्पताल कर्मचारियों का बयान और उससे उठे सवाल
फोर्टिस अस्पताल की नर्स और डॉ. ने बयान में कहा कि निक्की ने बताया था कि वह गैस सिलेंडर फटने से जली है। लेकिन पुलिस ने इस कथन पर संदेह जताया, क्योंकि निक्की की उस समय की स्थिति बेहद गंभीर थी। उसके बोलने का कोई वीडियो या वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं मिला है। घटनास्थल पर सिलेंडर फटने का प्रमाण शून्य है। थिनर और लाइटर की बरामदगी से विपरीत संकेत देती है। इसलिए पुलिस ने माना है कि मृतका ने सम्भवत: किसी को बचाने के लिए ऐसा कथन किया हो सकता है या फिर वह उस स्थिति में सटीक बोलने में सक्षम न हो।
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बहन कंचन के साथ निक्की का फाइल फोटो
- फोटो : Facebook/kanchanbhati
पंचायत के गवाहों ने बताया सोशल मीडिया और पार्लर को लेकर झगड़ा
ग्राम प्रधानों और पंचायत गवाहों ने बताया कि निक्की और उसकी बहन कंचन एक ब्यूटी पार्लर चलाती थीं और सोशल मीडिया पर वीडियो बनाती थीं। इस बात को लेकर ससुराल वाले नाराज रहते थे। झगड़ा बढ़ने पर निक्की और कंचन मायके चली गई थीं। बाद में पंचायत के माध्यम से समझौता कराया गया था। यह घरेलू विवाद बाद में हत्या की वजह बना। पोस्टमार्टम अधिकारी ने बताया कि निक्की के शरीर का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा जल चुका था और उसकी मौत जलने की चोट के कारण हाइपोवोलेमिक शॉक से हुई थी। रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि यह कोई छोटी दुर्घटना नहीं, बल्कि गंभीर और विस्तृत जलन का मामला था।
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बहन कंचन और अन्य के साथ निक्की का फाइल फोटो
- फोटो : Facebook/kanchanbhati
सोशल मीडिया वीडियो भी जांच का हिस्सा
वादिया कंचन ने तीन वीडियो क्लिप और एक स्क्रीनशॉट पुलिस को दिए। उनका अवलोकन किया गया। हालांकि इसमें घटना से सीधा संबंध नहीं मिला, लेकिन इन्हें पारिवारिक विवाद की पृष्ठभूमि समझने में महत्वपूर्ण माना गया। पुलिस ने चार्जशीट में उल्लेख किया कि यह हत्या आकस्मिक नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित साजिश थी। मृतका निक्की घर में अकेली नहीं थी। पति, सास, ससुर और जेठ सभी उसके आसपास थे। आरोपियों ने हत्या के बाद इलाज कराने का दिखावा किया। थिनर, लाइटर और आरोपियों की गतिविधियां हत्या की पुष्टि करती हैं।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी पति विपिन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस सप्ताह जमानत पत्र हो सकता है दाखिल
चार्जशीट में सभी को हत्या का आरोपी बनाए जाने पर निक्की के पिता भिकारी सिंह ने पुलिस की जांच पर संतुष्टि जताई है। वहीं आरोपी पक्ष के अधिवक्ता अमित भाटी बोड़ाकी ने बताया कि जल्द सत्र न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया जाएगा। कोई भी आरोपी घटना के समय घर में मौजूद नहीं था। जिसके सीसीटीवी फुटेज एवं अहम साक्ष्य मौजूद है। घटना में विपिन एवं उनके परिजन शामिल नहीं है। उन्हें झूठा आरोपी बनाया गया है। न्यायालय पर भरोसा है। आरोपियों की जमानत जल्द न्यायालय से मंजूर होगी। सभी आरोपी दोष मुक्त होगे।