ग्रेटर नोएडा के दादरी के बढ़पुरा गांव की रहने वाली पायल भाटी ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने जैसी कदकाठी की दिखने वाली ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हेमा चौधरी का घर बुलाकर कत्ल कर दिया। हत्या के बाद हेमा के चेहरे पर गर्म तेल डालकर पहचान मिटाने की कोशिश की। हेमा के हाथ की नस काटकर अपने कपड़े पहनाए। शव के पास पायल के नाम का सुसाइड नोट भी छोड़ा। परिजनों ने हेमा के शव को पायल समझ कर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। 21 नवंबर को पायल की तेरहवीं की रस्म भी अदा कर दी गई। इसके वह अपने माता-पिता की मौत का बदला लेने के तैयारियों में जुट गई। इससे पहले की वह वारदात को अंजाम देती। पुलिस ने अजय और पायल को हिरासत में ले लिया। पुलिस और बढ़पुरा के ग्रामीणों ने बताया कि पायल रविंद्र भाटी और राकेश देवी की इकलौती बेटी थी। उसने बीए की पढ़ाई की थी।
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हेमा चौधरी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पायल ने फेसबुक फ्रेंड के साथ मिलकर हेमा चौधरी की हत्या करने के चंद दिनों बाद ही अजय के नाम की मेंहदी भी हाथों में रचा ली। दादरी में 12 नवंबर को वारदात कर फरार होने के सात दिन बाद पायल ने अजय के साथ आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली।
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Hema Chaudhary murder
- फोटो : अमर उजाला
12 को हत्या, 19 को शादी व 21 नवंबर को तेरहवीं
पुलिस के मुताबिक, परिजन ने 12 नवंबर को हेमा की हत्या के बाद पायल का सुसाइड नोट बरामद किया। उधर, अजय, हेमा की हत्या के बाद पायल को लेकर बुलंदशहर के भूड़ चौराहे के पास स्थित भीमा कॉलोनी में जाकर रहने लगा। दोनों आरोपियों ने 19 नवंबर को आर्य समाज मंदिर में शादी की। इधर, 21 नवंबर को परिजन ने पायल की तेरहवीं की रस्म भी अदा कर दी।
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पायल का घर
- फोटो : अमर उजाला
विवाहित अजय था लापता, परिजन जता रहे थे हत्या की आशंका
सिकंदराबाद के महेपा जागीर गांव के ग्रामीणों का कहना है कि अजय नोएडा की कंपनी में नौकरी करता था। वह विवाहित है और उसके दो बच्चे भी हैं। अजय के लापता होने पर परिजन उसकी हत्या की आशंका जता रहे थे। उन्होंने 14 नवंबर सिकंदराबाद पुलिस को शिकायत देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की थी। सिकंदराबाद पुलिस गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कर रही थी।
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Hema Chaudhary murder
- फोटो : अमर उजाला
सीढ़ियों पर मिले खून के निशान, उठे सवाल तो भाइयों से पूछताछ
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात ये सामने आई है कि लगभग 18 दिन बाद भी पायल के घर की सीढि़यों के किनारे खून के निशान मिले। वहीं, हेमा की हत्या तेजधार हथियार से हमला कर की गई थी।
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मुक्ति धाम में जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
उसकी गर्दन आदि पर भी चोट के निशान थे। वहीं, केवल चेहरा जलने और कपड़े बदलने से ही उसके भाई पायल और हेमा में फर्क कैसे नहीं कर पाए। जबकि उसके बाल आदि से भी पहचान की जा सकती थी। इन्हीं सवालों का जवाब हासिल करने के लिए पुलिस पायल के भाइयों से भी पूछताछ कर रही है।
नामजदों जमानत मिलने के बाद पायल ने बदला लेने की ठानी
दादरी पुलिस ने जानकारी दी है कि पायल के माता पिता की मौत में आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धारा में नामजद किए गए आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। इससे पायल काफी दुखी थी। इसका लाभ उठाकर आरोपियों ने कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की और तीनों को अग्रिम जमानत मिल गई थी।