ग्रेटर नोएडा के सरस्वती कुंज में अवैध संबंध का विरोध करने पर महिला ने प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या कर दी। आरोपी महिला नीतू, राजमिस्त्री हरपाल और उसके साथी गौरव ने वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने सतीश पाल (42) का शव पड़ोस में निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक में डालकर रोड़े और सीमेंट से चिनाई कर दी। ये घटना दो जनवरी की है। मृतक परिजन को नौ जनवरी को सूचना देने के बाद तीनों आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने शनिवार रात हरपाल को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर सेप्टिक टैंक की खुदाई कर शव निकाला और रविवार को नीतू को भी गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया।
विज्ञापन
2 of 7
आरोपी पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
डीसीपी सेंट्रल जोन रामबदन सिंह और एडीसीपी विशाल पांडेय ने बताया कि बुलंदशहर जिले के अनूपशहर थाना क्षेत्र के दरावर गांव निवासी सतीशपाल पत्नी नीतू और छह साल के बच्चे के साथ ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सरस्वती कुंज में रहता था। सतीशपाल नोएडा की एक एक्सपोर्ट कंपनी में नौकरी करता था।
विज्ञापन
3 of 7
आरोपी राजमिस्त्री
- फोटो : अमर उजाला
सतीशपाल पहले सरस्वती कुंज में किराये पर रहता था, लेकिन बाद में उसने प्लॉट खरीदकर मकान बना लिया था। ग्रेनो वेस्ट में रहने वाले राजमिस्त्री हरपाल से उसने मकान बनाया था। इसी दौरान हरपाल और नीतू के संबंध हो गए, लेकिन तब सतीशपाल को इसकी भनक नहीं लगी।
4 of 7
मृतक सतीश पाल का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
हरपाल पिछले कुछ महीने से सतीशपाल के पड़ोस में अजय नाम के व्यक्ति के मकान का निर्माण कर रहा था। मकान लगभग तैयार हो गया था। इसमें इंटीरियर, टाइल्स व प्लास्टर आदि का काम चल रहा था।
विज्ञापन
5 of 7
हत्या के बाद इसी घर में दबाया शव
- फोटो : अमर उजाला
शराब में नशीला पदार्थ मिलाया, गला दबाकर की हत्या
सतीश पाल कंपनी से अक्सर देर रात में लौटता था। दो जनवरी को भी वह रात लगभग एक बजे लौटा था। इससे पहले नीतू ने उसकी शराब में नशीला पदार्थ मिला दिया। बेहोश होने पर उसने हरपाल व उसके साथ गौरव को घर में बुला लिया। इसके बाद आरोपियों ने गला दबाकर सतीशपाल की हत्या कर दी।
विज्ञापन
6 of 7
हत्या के बाद इसी घर में दबाया शव
- फोटो : अमर उजाला
गौरव को नकदी और जूलरी देकर किया शामिल
हरपाल जिस मकान का निर्माण कर रहा था, उसी मकान में रह रहा था। मकान मालिक अजय या उसका परिवार अभी यहां नहीं रहते थे। वारदात के बाद हरपाल सतीश के शव को कंधे पर लादकर निर्माणाधीन मकान में ले गया। हरपाल ने यहीं रहने वाले दूसरे राजमिस्त्री गौरव को नीतू के आभूषण और 20 हजार देकर अपने साथ मिला लिया। आरोपियों ने शव सेप्टिक टैंक में डालकर ऊपर से चिनाई कर दी।
सात दिन बेखौफ घर में रहे आरोपी
वारदात के बाद आरोपी नीतू घर में और हरपाल निर्माणाधीन मकान में रहकर काम करता रहा। नौ जनवरी को सतीश के परिजन ने नीतू से पूछताछ की। नीतू ने उनसे कहा कि वह गांव गए हैं। लेकिन सतीश के गांव नहीं पहुंचने पर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने सतीश की तलाश शुरू कर पुलिस को भी सूचना दे दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की तो नीतू और हरपाल भाग गए।