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ग्रेटर नोएडा अग्निकांड: जिस बस में हुई नौ की मौत, सरकारी जांच में नहीं मिली खामी; विभाग ने बताया दमदार और फिट

Sat, 26 Sep 2026 03:14 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा

सार

ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर नौ जिंदगियां लीलने वाली बस जांच में दमदार और फिट निकली है। परिवहन विभाग ने जांच के बाद कहा कि बस सभी मानकों पर खरी थी। तकनीकी और बीमा एजेंसी की जांच में लापरवाही मिली है। यमुना एक्सप्रेस-वे पर 23 सितंबर की देर रात चलती स्लीपर बस में लगी आग में नौ यात्रियों की मौत हुई थी।
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Greater Noida Fire Tragedy - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
ग्रेटर नोए़डा में यमुना एक्सप्रेसवे पर जिस बस में जलकर 9 लोगों की मौत हो गई उसे परिवहन विभाग ने क्लीन चिट दी है। विभाग की प्राथमिक जांच में सभी मानक दुरुस्त पाए गए हैं। बस में किसी तरह की खराबी या कमी नहीं मिली। 

जिला परिवहन विभाग की कार्रवाई में बस में सीटों की बीच बने गलियारे को भी दुरुस्त बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार बस के अंदर के गलियारे की चौड़ाई 450 एमएम होनी चाहिए। जांच में इसे 650 एमएम मापा गया है। 
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ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग - फोटो : पीटीआई
वहीं, बस के ढांचे को भी पूरी तरह फिट बताया गया है। इसके अलावा अंदर की वायरिंग और डिजाइन को भी दुरुस्त बताया है। अन्य सभी मानक भी सही पाए गए हैं। 

 
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ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग - फोटो : पीटीआई
आरटीओ प्रवर्तन गाजियाबाद डॉ. सियाराम वर्मा ने बताया कि प्राथमिक जांच में सभी मानक बिल्कुल सही पाए गए हैं। जिसके आधार पर आगे की जांच को अंजाम दिया जाएगा। विभाग की जांच में जांच में सिर्फ एक फायर एक्सटिंग्विशर प्राप्त होने की पुष्टि की गई है। इसके अलावा कोई कमी नहीं मिली है।

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ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग - फोटो : IANS
मुख्यालय ने गठित की टीम, लखनऊ से आएंगे अधिकारी
बस हादसे की जांच करने के लिए अब लखनऊ से अधिकारियों की टीम शहर में आएगी। मुख्यालय स्तर से टीम गठित की गई है। बताया जा रहा है कि जिले स्तर की जांच के बाद ये निर्णय लिया गया है।

 
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ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग - फोटो : IANS
ओवरलोडिंग को कर दिया नजरअंदाज
स्लीपर बस में ज्वलनशील सामान इतनी बड़ी मात्रा में ढोकर ले जाने को अधिकारियों ने जांच के दौरान नजरअंदाज कर दिया। इतनी बड़ी लापरवाही होने के बाद भी परिवहन विभाग की जांच में कोई खामी नहीं दर्शाई गई। जबकि छत पर लगे कैरियर और बस के अंदर के गलियारे और डिग्गी में काफी सामान रखा था।

 
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ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
तकनीकी और बीमा एजेंसी की जांच में मिली लापरवाही
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण बस हादसे के बाद एक निजी एजेंसी ने बस की जांच की। शुरुआती जांच में तकनीकी टीम ने जांच के दौरान पाया कि बस में यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनाए गए आपातकालीन द्वार को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया था, जिससे आपात स्थिति में यात्रियों का निकलना मुश्किल हो गया। इसके अलावा, बस में क्षमता से अधिक सामान लादा गया था। 

 
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जली हुई बस को देखने पहुंचे स्थानीय और राहगीर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
36 सवारियों के बैठने की क्षमता वाली इस बस में यात्रियों के साथ-साथ क्षमता से अधिक माल भरा हुआ था। निरीक्षण के दौरान बस के मलबे से इनविटेशन कार्ड, नेल पॉलिश, जींस, मोबाइल स्क्रीन, बिजली के तार, कॉपियां, कलर पेंसिल, जले नोट और धागे के रोल समेत भारी मात्रा में ज्वलनशील वस्तुएं बरामद हुई हैं। 
 

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बस में रखे सामान को निकालते हुए कर्मी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तकनीकी और बीमा टीम के सदस्यों ने बताया कि बस ओवरलोडिंग और ज्वलनशील सामान की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैल गई। फिलहाल तकनीकी टीम आगे की जांच के लिए पुलिस की मदद लेंगी। 
 

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बचे हुए सामान को बस से निकालते कर्मचारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बीमा और फाइनेंस दस्तावेज में दिल्ली का दर्ज है पता
भीषण अग्निकांड का शिकार हुई राज कल्पना ट्रेवल्स की बस को लेकर अहम खुलासे हुए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि इस बस का बीमा इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया गया था, जिसका कॉरपोरेट पता नई दिल्ली के साकेत क्षेत्र का है। वहीं, बीमा पॉलिसी के दस्तावेज में बस संचालक राज कल्पना की ओर से नई दिल्ली के गोल मार्केट का पता दर्ज कराया गया है। 
 

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बस में रखे सामान को निकालते हुए कर्मी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दस्तावेज के मुताबिक, बस का फाइनेंस एचडीएफसी बैंक की ओर से किया गया था। इस बीमा की वैधता आगामी 14 मार्च 2027 तक थी और इसका ग्रॉस प्रीमियम 98,649 रुपये भुगतान योग्य दर्शाया गया है। बीमा रसीद और तकनीकी विवरण के अनुसार बस का निर्माण वर्ष 2022 दर्ज है।

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यमुना एक्सप्रेसवे पर जली बस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बीमा की शर्तें नहीं हुई पूरी तो नहीं मिलेगा रुपये
बस का बीमा करने वाले एक कर्मी ने बताया कि जांच के दौरान अगर बस की मानक बीमा की शर्तें पूरी नहीं कर पाएगी, तो बीमा कंपनियों की ओर से एक भी रुपये नहीं मिलेगा। बीमा कर्मी ने बताया कि फिलहाल बस की टीम की ओर से जांच की जा रही है।

 

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यमुना एक्सप्रेसवे पर जली बस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हाथ में पड़ी रॉड से हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पहचान
यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में लगी आग से मां और बेटा जिंदा जल गए। मां के साथ दिल्ली से निकले शशांक गुप्ता (25) रास्ते में ही अपनों से दूर हो गया। हादसे के बाद जब परिजन सेक्टर-94 स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो जले हुए शवों को पहचानना भी मुश्किल था। मां सुनीता गुप्ता (50) की पहचान उनके कद-काठी से हुई, जबकि बेटे शशांक की पहचान हाथ में पड़ी रॉड से हो सकी। कुछ समय पहले हुए हादसे के बाद शशांक के हाथ में रॉड पड़ी थी। यही निशानी परिजनों के लिए उसकी आखिरी पहचान बन गई।

 

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यमुना एक्सप्रेसवे पर जली बस - फोटो : IANS
परिजनों ने बताया कि सुबह करीब आठ बजे वे पहले कैलाश अस्पताल, ग्रेटर नोएडा पहुंचे। वहां से जेवर स्थित कैलाश अस्पताल गए, लेकिन पता चला कि मृतकों के शव वहां से भेजे जा चुके हैं। इसके बाद परिजन पुलिस चौकी पहुंचे। वहां लापता यात्रियों की सूची में अपने मां और भाई का नाम देखकर वे सेक्टर-94 पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।

 

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यमुना एक्सप्रेसवे पर जली बस - फोटो : IANS
पोस्टमार्टम हाउस में जले हुए शवों के बीच परिजनों के लिए अपनों को पहचानना बेहद मुश्किल था। उस समय तक पोस्टमार्टम हाउस में तीन शव बचे थे। तीन शवों में एक महिला का शव था। उसके शरीर की बनावट से परिजनों ने अंदाजा लगाया कि वह सुनीता हो सकती हैं। शशांक की पहचान उनके हाथ में पड़ी रॉड से हुई। परिजनों के अनुसार, उनके हाथ में पीली धातु की अंगूठी भी थी, जिसे पहचान की एक और निशानी बताया गया। 

 

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जांच के लिए पहुंची एआरटीओ की टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहचान सुनिश्चित करने के लिए मृतकों की हड्डियों के नमूने डीएनए जांच के लिए भेजे गए हैं। हादसे में बाल-बाल बचे बस में सवार यात्री रविंद्र राजपूत ने कहा कि यात्री केबिन के अंदर खिड़की लगाकर सो रहे थे वे धमाके की आवाज नहीं सुन सके। गैलरी जहां से लोग आते जाते हैं उसमें यात्रियों के सामान रखे हुए थे।

 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी चालक और परिचालक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहाड़ से लेकर मैदान तक मौसम बदल गया है। यूपी के कई जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी हुई है। कई जिलों में बारिश हो रही है। वहीं, उत्तराखंड के हेमकुंड साहिब में बर्फबारी से कड़ाके की ठंड हो गई है। उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में भी छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है। राजधानी शिमला में बादल छाए हुए हैं।
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