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बर्निंग बस के बाद दर्दभरी कहानी: नातिन ने नानी की पायल से शव को पहचाना, कोई मां-बेटा तो कोई पिता को खोजता रहा

Thu, 24 Sep 2026 09:35 PM IST
विकास कुमार माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा

सार

65 साल की ऊषा देवी की पहचान उनकी पायल से हुई। सुबह सवेरे पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे उनके दामाद, नातिन ने शाम चार बजे शव में बंधी पायल से उन्हें पहचाना, बाकी पूरा शरीर जल चुका था, इसलिए पहचान करना काफी मुश्किल हो गया था। इसके बाद नातिन फूट फूटकर रोईं।
 
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ग्रेटर नोएडा में बस में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
ग्रेटर नोएडा की बर्निंग बस में जलकर नौ की मौत के बाद अपनों की तलाश में परिजन पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। सात परिवार पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे, लेकिन शव इतने जल चुके थे कि यह तक पहचान न हो सकी कि शव पुरूष का है या महिला का। कुछ के सिर्फ कपड़े और अवशेष ही मिले।
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बस में रखा सामान जलकर हुआ राख - फोटो : अमर उजाला
कोई मां, कोई भाई तो कोई पिता की तलाश में पहुंचा
सेक्टर 94ए स्थित पोस्टमॉर्टम हाउस में सुबह 10 बजे से ही परिजनों का आना शुरू हो गया। करीब सवा दस तक सभी शव पोस्टमॉर्टम हाउस लाए जा चुके थे। दोपहर तक अपनों की तलाश में परिजनों का पहुंचना जारी रहा। सिर्फ एक आस के साथ कि कहीं उन शवों के बीच उनका कोई अपना परिवार का मिल जाए। इसी तसल्ली के लिए कोई अपनी मां की तलाश में आया, तो कोई अपने भाई, पिता की तलाश में पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचा। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें बताया कि जिनके परिवार के लोग नहीं मिल पा रहे हैं या उनकी पहचान करना मुश्किल है तो डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा, इसके बाद रिश्तेदारों के डीएनए से उनका मिलान कर शव की शिनाख्त की जाएगी।
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अंदर पड़े यात्रियों के कपड़े - फोटो : अमर उजाला
पायल से परिजनों ने की ऊषा देवी की पहचान
65 साल की ऊषा देवी की पहचान उनकी पायल से हुई। सुबह सवेरे पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे उनके दामाद, नातिन ने शाम चार बजे शव में बंधी पायल से उन्हें पहचाना, बाकी पूरा शरीर जल चुका था, इसलिए पहचान करना काफी मुश्किल हो गया था। इसके बाद नातिन फूट फूटकर रोईं।

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आग लगने के बाद बस के अंदर का हाल - फोटो : अमर उजाला
दादी की मृत्यु के अंतिम संस्कार में महोबा जा रहे थे पति-पत्नी
पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे सर्वज्ञ ने बताया कि उनकी माता रेखा भारद्वाज, पिता देवेंद्र भारद्वाज दादी की मृत्यु के बाद महोबा जा रहे थे। उन्होंने ही दोनों को कश्मीरी गेट से बस में बैठाया था। मां किसी तरह बस से निकल आईं, लेकिन निकलते वक्त पीछे से धक्का आया और वह नीचे गिर गईं, जिससे उनके सिर पर चोट लग गई। लेकिन पिता उसी बस में फंसे रह गए, और उनकी मौत हो गई। वह हरियाणा के हिसार के एक विश्वविद्यालय में कार्यरत थे।
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बस के अंदर दिखा खाने बनाने वाला सिलिंडर - फोटो : अमर उजाला
घंटों इंतजार के बाद भी अपनों का पता न लगने पर फूट फूटकर रोए भाई-बहन
अपनी मां सरोज और भाई मयंक की तलाश में पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे ग्रेटर नोएडा निवासी भाई शिवम गुप्ता ने बताया कि जब से उन्हें हादसे की जानकारी मिली थी, वह उस बस में सवार अपनी मां और भाई को तलाशने पहुंचे। पूरा दिन बीत गया, लेकिन दिनभर में कोई जानकारी नहीं हो सकी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि उनकी शिनाख्त हो चुकी है।
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बस हादसे में घायल रेखा भारद्वाज - फोटो : अमर उजाला
बेटे की तबियत बिगड़ने पर उसे वापस लेने आए थे पिता
अपने पिता को खोने वाली राधा ने बताया कि उनके भाई ओम गुप्ता का एक महीने पहले ही नोेएडा में एडमिशन हुआ था। ओम की तबियत खराब होने लगी, तो पिता हरि शरण गुप्ता उसे बस से वापस ले जा रहे थे, पिता के पैर की हड्डी पहले से ही टूटी हुई थी, इसी कारण बस में आगजनी के दौरान किसी तरह ओम तो निकल आया, लेकिन उनके पिता बस में ही फंसे रह गए, जिससे उनकी मौत हो गए, लेकिन पोस्टमॉर्टम हाउस में वह जले अवशेषों के बीच पिता को नहीं पहचान सके।
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बस के अंदर कुछ इस तरह बिखरी मिली महिला यात्री की चूड़ियां - फोटो : अमर उजाला
रात को मंगेतर के खाने पीने का हाल चाल व्हाट्ऐप पर लिया, दोबारा मैसेज किया, लेकिन जवाब नहीं मिला
अपनी मंगेतर की तलाश में पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे मनोज ने बताया कि उनकी मंगेतर सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रुति रावत उसी बस में सवार थीं। रात 11 बजे तक उनसे व्हाट्सऐप पर चैट हो रही थी, उन्होंने खाना खा लिया, उसकी फोटो भी भेजी थी, लेकिन जब दोबारा मैसेज किया तो वह सीन ही नहीं हुआ, तब से अब उनका कोई अता पता नहीं चल सका।

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बस की छत पर दिखा यह मंजर - फोटो : अमर उजाला
किसी के बचे सिर्फ कपड़े तो किसी का हाथ
परिजन जब अपनों की तलाश में दोपहर में पोस्टमॉर्टम हाउस में शव की पहचान करने गए तो देखा कि शव बुरी तरह से जल चुके हैं। यहां तक कि कुछ ऐसे भी थे, जिनके सिर्फ कपड़े के अवशेष बचे थे या फिर किसी का हाथ तो किसी का पैर था, ऐसे में परिजनों के लिए अपनों की तलाश करना बड़ी पहेली बना रहा। लेकिन सुबह से शाम तक पहचान करने के लिए सिर्फ एक आस के साथ वह टकटकी लगाए बैठे रहे।
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बस में भीषण आग लगने के बाद बस के अंदर का हाल - फोटो : अमर उजाला
सभी शवों का होगा डीएनए टेस्ट
पोस्टमॉर्टम हाउस से मिली जानकारी के अनुसार, बस में अग्निकांड के मामले के सभी शव का डीएनए टेस्ट होगा, इसके लिए सैंपल भेजे जा चुके हैं। इससे अन्य तीन की भी शिनाख्त हो सकेगी।
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