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ग्रेनो हादसा: बिहार का नंबर-राजस्थान का फिटनेस और हरियाणा का पॉल्यूशन प्रमाणपत्र, हादसे वाली बस के कितने झोल?

Thu, 24 Sep 2026 03:24 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा

सार

ग्रेटर नोएडा के जेवर इलाके में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई बस दुर्घटना के बाद बस के दस्तावेज और संचालन को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। बस का मालिक छतरपुर, मध्यप्रदेश का निवासी है। बस का पंजीकरण मधुबनी, बिहार में हुआ है। बस कश्मीरी गेट, नई दिल्ली से महोबा के बीच चलती थी। फिटनेस राजस्थान और पॉल्यूशन प्रमाण पत्र हरियाणा से जारी हुआ था।
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Greater Noida Bus Fire - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद जांच में स्लीपर बस से जुड़ी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। जिस बस में यह हादसा हुआ, उसका संबंध एक नहीं, बल्कि छह अलग-अलग राज्यों से है। 

आग में धू-धूकर जली स्लीपर बस का मालिक मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का रहने वाला है। बस का संचालन मध्य प्रदेश की राज कल्पना ट्रैवल्स द्वारा किया जाता है। बस का रजिस्ट्रेशन मध्य प्रदेश में नहीं, बल्कि बिहार के मधुबनी जिले के परिवहन विभाग में हुआ था। 
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ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग - फोटो : पीटीआई
बस का फिटनेस प्रमाणपत्र राजस्थान से जारी हुआ है। इसका पॉल्यूशन प्रमाणपत्र हरियाणा से जारी हुआ है। यह बस नई दिल्ली के कश्मीरी गेट से उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के लिए चलती थी। हादसा यूपी के ग्रेटर नोएडा के जेवर इलाके में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ। 
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ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
स्लीपर बस की पूरी कहानी में मध्य प्रदेश, हरियाणा, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश का लिंक सामने आ रहा है। ऐसे में एक ही बस के संचालन, पंजीकरण, फिटनेस और प्रदूषण प्रमाणपत्र अलग-अलग राज्यों से जुड़े होने को लेकर परिवहन विभाग के सामने कई सवाल हैं। 

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ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
अब यह जांच का विषय है कि बस का वास्तविक संचालक कौन था, अलग-अलग राज्यों में उसके दस्तावेज किस आधार पर जारी हुए और बस के संचालन की निगरानी किस स्तर पर की जा रही थी। 

 
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यमुना एक्सप्रेसवे पर जली बस - फोटो : IANS
हादसे के बाद यह भी पड़ताल जरूरी हो गई है कि बस निर्धारित सुरक्षा और तकनीकी मानकों के अनुरूप थी या नहीं। परिवहन विभाग की जांच में सामने आने वाले तथ्यों से इन सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।
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यमुना एक्सप्रेसवे पर जली बस - फोटो : IANS
जिस स्लीपर बस में बुधवार देर रात आग लगी, उस पर 1.75 लाख के 19 चालान हुए थे। इन चालानों में कई गंभीर उल्लंघन शामिल थे। जनवरी 2026 में कम उम्र के चालक से बस चलवाने का भी चालान हुआ था। जून 2025 में फ्यूल चेंज और रेट्रोफिटिंग नियमों के उल्लंघन का भी चालान हुआ। बस के परमिट से जुड़े नियमों का भी कई बार उल्लंघन किया गया था। इसके बावजूद बस लगातार सड़क पर दौड़ती रही।
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ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग - फोटो : ANI
सुनील कुमार ने एफआईआर में बताई पूरी कहानी
एफआईआर के अनुसार, 23 सितंबर 2026 को रात करीब 9 बजे सुनील कुमार पुत्र बद्रीप्रसाद निवासी मोहाल खुशीपुरा थाना राठ जिला हमीरपुर दिल्ली के कश्मीरी गेट से राज कल्पना ट्रैवल्स की बस (पंजीकरण संख्या BR32PA8647) में राठ जाने के लिए सवार हुए थे। बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार थे। रात करीब 11:30 बजे बस नोएडा से आगरा की ओर जाते हुए यमुना एक्सप्रेस-वे पर 33 किलोमीटर के पास पहुंची।

 

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यमुना एक्सप्रेसवे पर जली बस में सामान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चालक ने जानबूझकर लापरवाही बरती
तहरीर में आरोप है कि चालक जानबूझकर घोर लापरवाही से तेज रफ्तार में बस चला रहा था। इसी दौरान ड्राइवर केबिन की ओर से कुछ जलने की बदबू आने लगी। कुछ यात्रियों ने चालक और परिचालक को इसकी जानकारी दी, लेकिन आरोप है कि दोनों ने इस गंभीर स्थिति को नजरअंदाज कर दिया। शिकायतकर्ता के मुताबिक बस को तत्काल रोककर जांच नहीं की गई। इसके उलट चालक और परिचालक अपने केबिन में बीड़ी-सिगरेट पीते रहे।

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यमुना एक्सप्रेसवे पर जली बस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चालक की सीट के पास से भड़की आग
कुछ देर बाद ड्राइवर सीट के पास से अचानक तेज आग की लपटें निकलने लगीं। तहरीर के अनुसार यात्रियों ने शोर मचाकर बस रोकने को कहा, लेकिन चालक और परिचालक आपस में हंसते रहे। यात्रियों के बस रोकने के आग्रह पर उन्होंने कथित तौर पर कहा कि मरना है तो मरो, बस नहीं रोकेंगे। तब तक आग तेजी से बस के चारों ओर फैल चुकी थी और अंदर धुआं भर गया।

 

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यमुना एक्सप्रेसवे पर जली बस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कई यात्री बाहर नहीं निकल सके
शिकायतकर्ता ने बताया कि बस रुकने के बाद उन्होंने और कई अन्य यात्रियों ने बाहर निकलने का प्रयास किया। कई यात्री किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन कुछ आग और धुएं के कारण बस के अंदर ही फंस गए और बाहर नहीं निकल सके। आग से कई यात्री गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें उपचार के लिए जेवर के कैलाश अस्पताल ले जाया गया।

 

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यमुना एक्सप्रेसवे पर जली बस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इलाज के दौरान नौ की मौत
अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि डॉक्टरों ने नौ व्यक्तियों को मृत घोषित कर दिया है। तहरीर में कहा गया है कि चालक और परिचालक द्वारा यात्रियों की सुरक्षा के प्रति बेपरवाह रहने और उपेक्षापूर्ण कृत्य के कारण ही नौ लोगों की मौत हुई। आग में सभी यात्रियों के मोबाइल, बैग और अन्य सामान भी जलकर राख हो गए। सुनील कुमार ने पुलिस से बस के चालक और परिचालक के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।

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ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग - फोटो : IANS
यह था पूरा मामला
दिल्ली से महोबा जा रही एक बस में ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात हुई इस घटना में 20 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।

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ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग - फोटो : पीटीआई
बस हादसे में दो चालक और हेल्पर गिरफ्तार
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए स्लीपर बस हादसे के मामले में पुलिस ने दो चालक और एक हेल्पर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन, विनोद और योगेश के रूप में हुई है। पवन और विनोद बस के चालक, जबकि योगेश हेल्पर बताया गया है।

 

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ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग - फोटो : IANS
हादसे के संबंध में पुलिस ने बीएनएस की धारा 281, 125(बी), 105 और 351(3) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। धारा 281 सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही या खतरनाक तरीके से वाहन चलाने से संबंधित है। धारा 125(बी) लापरवाही या उतावलेपन के कारण किसी व्यक्ति को चोट या गंभीर चोट पहुंचाने, धारा 105 गैर-इरादतन हत्या और धारा 351(3) गंभीर आपराधिक धमकी से संबंधित है। 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी चालक और परिचालक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। जांच में बस के संचालन, चालकों की भूमिका और हादसे से पहले की परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों और साक्ष्यों को जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। 
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