प्रतीकात्मक तस्वीर
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मरीजों को लगाने पड़ रहे चक्कर
मामले में कई मरीजों का कहना है कि रिपोर्ट आना तो दूर प्रदेश लैब की वेबसाइट पर उनका डाटा भी अपलोड नहीं किया गया है। ऐसे में उनके सैंपल के संबंध में जानकारी नहीं मिल पा रही है। रिपोर्ट में देरी होने से संदिग्धों को बार-बार अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे न सिर्फ इलाज प्रभावित हुआ है, बल्कि अन्य लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ रहा है। अस्पताल में जांच कराने वाले विनोद ने बताया कि 4 दिन बाद भी रिपोर्ट मिलना तो दूर जांच कराई थी, इसका कोई प्रमाण नहीं है। प्रदेश पैथलैब की साइट पर कोई जानकारी नहीं है। वहीं, सेक्टर-31 निवासी उर्मिला ने बताया कि 6 दिन हो गए हैं। तबीयत पहले से ज्यादा खराब लगने लगी है, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिल रही है। ऐसे में इलाज भी नहीं हो पा रहा है।