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उफान पर गंगा: यूपी में हाहाकार, वाराणसी में छतों पर हो रहा अंतिम संस्कार, तो गाजीपुर-कन्नौज में फसलें बर्बाद

Sat, 22 Aug 2026 07:39 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा

सार

उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। वाराणसी में सभी 84 घाट डूब गए हैं। मणिकर्णिका घाट की छत पर अंतिम संस्कार हो रहा है। दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती भी छत पर कराई जा रही है। कन्नौज में तटवर्ती गांवों में गंगा का पानी घुसने का खतरा बढ़ गया है। वहीं गाजीपुर में गंगा का पानी खेतों में आने से 230 बीघा फसल जलमग्न हो गई। यहां पढ़ें यूपी के अलग-अलग जिलों में बाढ़ से जुड़े हालातों की पूरी रिपोर्ट:
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यूपी में गंगा का रौद्र रूप - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी के कारण गंगा, यमुना समेत कई नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। राज्य के कई जिलों में बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। खेतों से लेकर आबादी वाले इलाकों और धार्मिक घाटों तक पानी भर गया है। 
 
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जलस्तर बढ़ने के कारण मणिकर्णिका घाट का बदला गया शवदाह स्थल - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी: 84 घाट डूबे, मणिकर्णिका की छत पर हो रहा शवदाह
काशी में गंगा और वरुणा नदी दोनों उफान पर हैं। गंगा खतरे के निशान से मात्र 1.24 मीटर नीचे है। शहर के सभी 84 घाट पूरी तरह डूब चुके हैं। अस्सी घाट पर 'सुबह-ए-बनारस' का मंच और नमो घाट जलमग्न हो गए हैं और नौका संचालन ठप है। जलस्तर बढ़ने से शवदाह में भारी परेशानी आ रही है। महाश्मशान मणिकर्णिका घाट की छत और हरिश्चंद्र घाट की गलियों में अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। लकड़ियां गीली होने और जगह कम होने के कारण परिजनों को 2 से 3 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है।
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प्रयागराज में तेजी से बढ़ रहा है गंगा और यमुना का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।
प्रयागराज: खतरे की ओर बढ़ता जलस्तर, 180 लोग राहत शिविर में
कानपुर, नरौरा और हरिद्वार से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण संगम नगरी में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। फाफामऊ, छतनाग और नैनी में गंगा-यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यमुनापार के शंकरगढ़ इलाके में टोंस और लोनी नदी के उफान से बराडीह, इटवा समेत कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। प्रशासन ने करीब 180 प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालकर लोनीपार स्थित राहत शिविरों (स्कूलों) में पहुंचाया है।

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गाजीपुर में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
गाजीपुर: 230 बीघा फसल जलमग्न, मवेशियों के चारे का संकट
बाढ़ के कारण गाजीपुर में किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिले की चार तहसीलों में करीब 230 बीघा फसल (ज्वार, बाजरा, चरी और सब्जियां) बाढ़ के पानी में डूब चुकी है। चरी के बर्बाद होने से मवेशियों के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। घाटों से शहर के नालों में गंगा का पानी बैकफ्लो कर रहा है। गहमर और भांवरकोल क्षेत्र में कटान तेज हो गया है, जिससे कई मंडा भूमि गंगा में समा गई है।
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गंगा नदी के बाढ़ के पानी से खेतों में फसलें डूबीं - फोटो : अमर उजाला
कन्नौज: आबादी की ओर बढ़ रहा बाढ़ का पानी
कन्नौज के तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खौफ बढ़ता जा रहा है। कासिमपुर गांव में गंगा का पानी झोपड़ियों तक पहुंच गया है और मुख्य रास्तों की पुलिया के ऊपर से बह रहा है। ग्रामीण इस बात से चिंतित हैं कि राहत की गाड़ियां पहले पहुंचेंगी या बाढ़ का पानी। हालांकि, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के अनुसार प्रशासन की टीम लगातार निगरानी कर रही है और स्थिति नियंत्रण में है।
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