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भाजपा नेता के बेटे और बीवी की मौत: ग्रेनो बस हादसे में जल गए जिंदा, चल नहीं पाती थी मां; छोड़कर नहीं भागा बेटा

Fri, 25 Sep 2026 06:41 PM IST
विकास कुमार माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा

सार

शशांक गुरुग्राम में इंडिगो एयरलाइंस में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। वह अपनी मां के साथ गुरुग्राम से महोबा लौट रहे थे। हादसे के बाद दोनों लापता बताए जा रहे थे। अब पुलिस ने दोनों के शवों की शिनाख्त कर ली है।
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मां सुनीता गुप्ता और बेटा शशांक गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से हुए हादसे में जान गंवाने वाले सभी नौ यात्रियों की पहचान हो गई है। शुक्रवार को तीन और मृतकों की पहचान हुई। इनमें से एक ओमप्रकाश, नोएडा के निवासी के तौर पर हुई। परिवार ने उनके गले में पड़े चेन से उनकी पहचान की। इसके अलावा अन्य दो की पहचान महोबा निवासी सुनीता गुप्ता (50) और उनके बेटे शशांक गुप्ता के रूप में हुई। दोनों चरखारी कोतवाली कस्बा क्षेत्र के राज मंदिर इलाके के रहने वाले थे। 
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शशांक गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
लापता बताए जा रहे थे दोनों
शशांक गुरुग्राम में इंडिगो एयरलाइंस में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। वह अपनी मां के साथ गुरुग्राम से महोबा लौट रहे थे। हादसे के बाद दोनों लापता बताए जा रहे थे। अब पुलिस ने दोनों के शवों की शिनाख्त कर ली है।
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सुनीता और पति व भाजपा कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
चलने में असमर्थ मां को छोड़कर बाहर नहीं निकले शशांक
परिजनों के अनुसार सुनीता गुप्ता पिछले करीब एक महीने से अपने बेटे शशांक के पास गुरुग्राम में रहकर घुटनों और पैरों की बीमारी का इलाज करा रही थीं। वह चलने-फिरने में असमर्थ थीं। परिवार में एक रिश्तेदार को हार्ट अटैक आने के बाद शशांक अपनी मां को लेकर महोबा लौट रहे थे। दोनों बस की पिछली सीट पर बैठे थे। 

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Greater Noida bus fire - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
शीशा तोड़कर बेटा जा सकता था बाहर
परिजनों ने बताया कि बस में आग लगने के बाद धुआं तेजी से फैलने लगा और यात्रियों में भगदड़ मच गई। इस दौरान शशांक के पास शीशा तोड़कर बाहर निकलने का विकल्प था, लेकिन उन्होंने चलने में असमर्थ मां को अकेला छोड़ने से इनकार कर दिया। मां को बचाने के प्रयास में वह भी आग की चपेट में आ गए। अत्यधिक धुएं के कारण दोनों के बेहोश होने और आग में फंसने की बात परिजनों ने बताई है। हालांकि, हादसे के इस घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि जांच के माध्यम से होनी बाकी है। परिवार के मुताबिक सुनीता अपने पैरों की बीमारी के कारण खुद चलकर बस से बाहर निकलने की स्थिति में नहीं थीं। शशांक ने मां को बचाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों की जान नहीं बच सकी। शुक्रवार को शवों की पहचान होने के बाद परिवार को हादसे की जानकारी मिली।
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यमुना एक्सप्रेसवे पर जली बस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सभी मृतकों की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार हादसे में जान गंवाने वालों में मध्यप्रदेश के छतरपुर निवासी श्रुति रावत, हमीरपुर के राठ निवासी 52 वर्षीय सरोज गुप्ता और उनके 28 वर्षीय बेटे मयंक गुप्ता शामिल हैं। इसके अलावा हरियाणा के हिसार निवासी 60 वर्षीय देवेंद्र सहाय भारद्वाज, जालौन निवासी 55 वर्षीय हर शरण गुप्ता और हमीरपुर के मुस्कुरा निवासी 65 वर्षीय ऊषा देवी की भी पहचान हो चुकी है। शुक्रवार को ओमप्रकाश, नोएडा के निवासी, सुनीता गुप्ता और शशांक गुप्ता की पहचान के बाद कुल नौ मृतकों की शिनाख्त हो गई है। 
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accident on yamuna expressway - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
बुधवार रात हुआ था हादसा
बुधवार रात यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर क्षेत्र में चलती स्लीपर बस में आग लग गई थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे नौ यात्रियों की मौत हो गई। हादसे में कई यात्री झुलस गए और बस में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। आग के कारण शव बुरी तरह झुलस गए थे, जिससे पहचान की प्रक्रिया में परेशानी हुई। पुलिस और संबंधित अधिकारियों ने शवों की शिनाख्त के लिए आवश्यक कार्रवाई की। हादसे के बाद बस के संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और आग लगने के कारणों को लेकर जांच चल रही है। पुलिस दुर्घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है। शुक्रवार को दो और मृतकों की पहचान होने के बाद अब परिवारों को उनके परिजनों के संबंध में जानकारी मिल सकी है, जबकि एक मृतक की पहचान का इंतजार है। 
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