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आरुषि हत्याकांड समेत ये छह मामले बने सीबीआई के गले की फांस, बरसों बाद भी नहीं खुला राज

Mon, 07 Oct 2019 04:01 PM IST
पूजा त्रिपाठी सुशांत समदर्शी, अमर उजाला, नोएडा
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aarushi murder case - फोटो : अमर उजाला
नोएडा की कई बहुचर्चित घटनाओं को देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेशन (सीबीआई) भी नहीं सुलझा सकी है। कई मामलों में तो सीबीआई ही उलझ गई और आरोपियों को कोर्ट से राहत मिल गई। वहीं, एक मामले की जांच सीबीआई करती रही। जबकि, दूसरी एजेंसी ने घटना का खुलासा कर दिया। अभी भी कई मामलों की जांच सीबीआई के पास हैं लेकिन, इन मामलों में अभी तक सीबीआई कुछ खास सफलता हासिल नहीं कर सकी है। ऐसे में न्याय की आस लगाए बैठे पीड़ित आज भी एजेंसी और कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं।

वहीं, कमजोर साक्ष्यों का लाभ पाकर मामलों में दोषी बनाए गए कई आरोपी बाहर घूम रहे हैं। कानून के जानकारों और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों की मानें तो किसी भी घटना में प्राथमिक साक्ष्यों को इकट्ठा करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। शुरुआत में ही स्थानीय पुलिस इन साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से एकत्र नहीं करती है। जब तक यह मामला सीबीआई तक पहुंचता है, तब तक सबूत इधर से उधर हो जाते हैं। ऐसे में मामलों को सुलझाना टेढ़ी खीर साबित होता है। आइए ऐसे ही कुछ केसों पर नजर डालते हैं जिनमें कातिलों को तलाशना सीबीआई के लिए भी कठिन हो रहा है। 
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आरुषि हेमराज हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
1- आरुषि हेमराज हत्याकांड - 13 मई 2008, सीबीआई जांच - 1 जून 2008
घटना - सेक्टर-27 जलवायु विहार में आरुषि तलवार व उसके नौकर हेमराज की हत्या कर दी गई। घटना के 17 दिन बाद ही सीबीआई ने जांच शुरू की। सीबीआई ने मामले में दो बार अपनी क्लोजर रिपोर्ट बदली लेकिन, कोर्ट में दोनों ही खारिज हो गईं।

स्टेट्स - सीबीआई कोर्ट, गाजियाबाद से सजायाफ्ता आरुषि के माता डॉ. नूपुर व पिता डॉ. राजेश तलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई और सीबीआई की तमाम दलीलें कोर्ट ने खारिज कर दीं।
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2 - एमिटी छात्र जस्टिन की हत्या का मामला - 3 सितंबर 2009, सीबीआई जांच - 2010

घटना - सेक्टर-125 स्थित एमिटी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले 18 वर्षीय बीटेक छात्र की स्वीमिंग पूल में रहस्मय ढंग से मौत हो गई। मामले में जस्टिन के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था। इसके बाद मामले की जांच सीबीआई ने शुरू की थी।

स्टेट्स - अभी गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट में मामले की सुनवाई हो रही है और इससे जुड़े कई लोगों को कोर्ट ने नोटिस व समन भेजा है। मामले में दो लोगों के खिलाफ सीबीआई कोर्ट ने गैर जमानती वारंट भी जारी किया है।

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अंकित चौहान मर्डर केस - फोटो : अमर उजाला
3 - अंकित चौहान हत्याकांड - 13 अप्रैल 2013, सीबीआई जांच - अक्तूबर 2015

घटना- सेक्टर-76 स्थित बरौला बाईपास में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के वक्त अंकित अपनी फॉच्यूर्नर से ऑफिस से घर लौट रहा था। मामले की सीबीआई जांच ही करती रही गई जबकि दूसरी एजेंसी ने पर्दाफाश कर दिया। 

स्टेट्स - इस हत्याकांड की जांच में सीबीआई चूक गई और यूपी एसटीएफ की टीम ने इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर दिया। यूपी एसटीएफ ने 2 जून 2017 को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर गुत्थी सुलझा दी। घटना फॉच्यूर्नर लूट के इरादे से अंजाम दी गई थी।
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CBI
4 - शशांक यादव मर्डर मिस्ट्री - 13 मार्च 2013, सीबीआई जांच - 13 अक्तूबर 2014

घटना - इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड के इंजीनियर शशांक यादव का शव 13 मार्च 2013 को नोएडा स्टेडियम के महिला शौचालय में लटका मिला था। मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। लेकिन, कोई सुराग नहीं मिलने पर इसे सीबीआई को जांच के लिए भेज दिया गया।

स्टेट्स - साढ़े तीन साल की जांच के बाद भी सीबीआई को अब तक कुछ नहीं मिला। मामले की जांच सीबीआई की टीम कर रही है और सुनवाई सीबीआई कोर्ट में चल रही है। अब तक किसी आरोपी की पहचान नहीं हुई है।
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मुंबई में सीबीआई गिरफ्तारी
5- प्रवीश चनम की हत्या का मामला - 9 सितंबर 2017,  सीबीआई जांच - दिसंबर 2017

घटना - मणिपुरी छात्र प्रवीश चनम की संदिग्ध हालत में नोएडा के सेक्टर-31 में मौत हो गई थी। वह अपने दोस्तों के साथ ग्रेटर नोएडा के एक म्यूजिक कंसर्ट में शामिल होने गया था। रात में ही वह ग्रेटर नोएडा से अचानक गायब हो गया और अगले दिन सेक्टर-31 में उसका शव मिला।

स्टेट्स -  मामले में नोएडा पुलिस की लापरवाही सामने आई थी। अब मामले की जांच सीबीआई कर रही है। इसमें सीसीटीवी फुटेज से लेकर नोएडा पुलिस से तमाम दस्तावेज सीबीआई ने ले लिए हैं।
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सीबीआई (फाइल फोटो)
6 - अभिनव मित्तल गुमशुदगी मामला - 17 अक्तूबर 2013, सीबीआई जांच - 21 फरवरी 2018

घटना - सेक्टर-15 निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिनव मित्तल की गुमशुदगी के साढ़े चार साल बाद भी पुलिस उसे नहीं ढूंढ पाई। इसके बाद उनके पिता सत्यनारायण मित्तल हाईकोर्ट गए और कोर्ट ने सीबीआई को जांच के आदेश दिए। सत्यनारायण मित्तल का कहना है कि मामले में अभिनव की पत्नी की भूमिका संदिग्ध है।

स्टेट्स - 21 फरवरी 2018 को सीबीआई ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली और जांच शुरू हो गई। अब तक दो दिन ही सीबीआई अभिनव के बारे में पता करने के लिए उनके घर पहुंची हैं। इस दौरान अभिनव के पिता के बयान दर्ज किए गए हैं।
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