महागुन सोसायटी में सैकड़ों नौकर-नौकरानी मितुल सेठी के घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए। इस कारण जान बचाने के लिए सेठी दंपति और उनका बच्चा करीब दो घंटे तक बाथरूम में रहे। बाद में पुलिसकर्मी उन्हें बाहर निकालकर सुरक्षित जगह पर ले गए। (सभी फोटोः राजन राय/अमर उजाला)
विज्ञापन
2 of 10
mahagun society
- फोटो : अमर उजाला
सेठी परिवार के अलावा सोसायटी में रहने वाले अन्य लोगों के लिए भी दहशत के इन पलों से गुजरा बहुत मुश्किल भरा रहा। पथराव की वजह से लोग लगभग चार घंटे तक सोसायटी में कैद रहे।
विज्ञापन
3 of 10
mahagun society
- फोटो : अमर उजाला
सेठी परिवार जहां नौकरानी काम करती है उन्होंने उस पर चोरी का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों की तरफ से थाना सेक्टर-49 में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सोसायटी वासियों का आरोप है कि हमला करने वालों में ज्यादातर बांग्लादेशी नौकर-नौकरानियां शामिल थे।
4 of 10
mahagun society
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार, सोसायटी के मैनचेस्टर टावर-5 के भूतल पर फ्लैट नंबर-012 में मितुल सेठी, पत्नी व 7 साल के बच्चे के साथ किराये पर रहते हैं। मर्चेंट नेवी में कैप्टन रह चुके मितुल व्यवसाय करते हैं। उनकी पत्नी हर्षू सेठी सेक्टर-116 में प्ले स्कूल चलाती हैं।
विज्ञापन
5 of 10
mahagun society
- फोटो : अमर उजाला
घर में कूच विहार पश्चिम बंगाल निवासी जोहरा छह माह से काम कर रही है। जोहरा सेक्टर-78 की झुग्गी में पति अब्दुल सत्तार और तीन बेटों के साथ रहती है। अब्दुल ग्रेटर-नोएडा में शटरिंग ठेकेदार के पास मजदूरी करता है।
विज्ञापन
6 of 10
mahagun society
- फोटो : अमर उजाला
मितुल का आरोप है कि मंगलवार शाम को उन्होंने जोहरा को जेब से रुपये चोरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था। एक सप्ताह पहले भी उनकी पैंट की जेब से 17 हजार रुपये चोरी हुए थे।
विज्ञापन
7 of 10
mahagun society
- फोटो : अमर उजाला
हर्षू सेठी को पहले से जोहरा पर शक था। पकड़े जाने पर इन्होंने जोहरा की शिकायत सोसायटी प्रबंधन से कर दी। मितुल ने जोहरा का मोबाइल भी सोसायटी प्रबंधन के पास जमा करा दिया।
8 of 10
mahagun society
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि इस पूरे हंगामें की वजह से सोसायटी के लोग न तो ऑफिस जा सके और न ही अपने काम पर। शुक्र था कि बच्चों की स्कूल बस कुछ देर पहले ही चली गई थी। इस वजह से हंगामे के दौरान सोसायटी में बच्चे नहीं थे।
9 of 10
mahagun society
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर करीब दो बच्चे स्कूली बस आने के समय पर पुलिस ने सोसायटी के आसपास सुरक्षा घेरा बना लिया था। सोसायटी निवासी डॉक्टर उमेश व सुभाष ने बताया कि लोग इतने दहशत में थे कि वह कार्यालय तक नहीं जा सके।
मंजर इतना भयावह था कि बयां नहीं किया जा सकता। यदि गार्ड न होते तो हमलावर कई को मौत के घाट उतार देते। दोपहर बाद पुलिस की मौजूदगी में ही लोगों की आवाजाही शुरू हुई।