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निर्भया केसः आखिर क्यों दिल्ली नहीं तमिलनाडु पुलिस के जवान कर रहे दोषियों की सुरक्षा, ये है वजह

Sat, 25 Jan 2020 03:15 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
फांसी के मुहाने पर खड़े निर्भया के चारों दोषी इन दिनों तिहाड़ जेल नबंर तीन के हाई सिक्योरिटी सेल में बंद हैं। जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं वैसे-वैसे दोषियों की बेचैनी भी बढ़ती जा रही है। दोषी कोई गलत कदम न उठा लें, इसके लिए इन पर 24 घंटे कड़ा पहरा रखा जा रहा है। जैसा कि हम आपको अपनी पुरानी खबरों में बता चुके हैं कि इनकी सुरक्षा तमिलनाडु पुलिस के जवान कर रहे हैं। हालांकि आपको ये नहीं पता होगा कि दिल्ली पुलिस जैसी सक्षम फोर्स के रहते हुए आखिर तमिलनाडु पुलिस के जवान इनकी सुरक्षा क्यों कर रहे हैं, हमारी इस स्टोरी में जानिए वो वजह और इस केस को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां....
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निर्भया के दोषियों को होगी फांसी - फोटो : Amar Ujala
क्यों तमिलनाडु पुलिस के जवान कर रहे दोषियों की सुरक्षा
मौत की सजा पाए दोषी की फांसी की तारीख जब नजदीक आती है तो उनकी सुरक्षा बहुत ज्यादा बढ़ा दी जाती है। इसका कारण होता है कि कहीं ये मुजरिम अपने को कुछ क्षति न पहुंचा लें या कुछ गलत करने की कोशिश न करें। दोषियों की सुरक्षा में तैनात जवानों के लिए उनसे बात करना भी मना होता है। ऐसे में अगर भाषा की बाध्यता आ जाए तो बात करना और मुश्किल हो जाता है। निर्भया के दोषियों की 24 घंटे निगरानी करने वाले तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के जवानों को न तो हिंदी आती है न ही अंग्रेजी। ये एक बड़ी वजह है इन जवानों की तैनाती की।
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निर्भया के दोषी - फोटो : अमर उजाला
 जब सुरक्षाकर्मियों को दोषियों को एक-दूसरे की भाषा समझ नहीं आएगी तो वो एक-दूसरे से बात भी नहीं कर सकेंगे। बात नहीं करेंगे तो उनके बीच कोई कनेक्शन भी नहीं बनेगा और बिना किसी राग-द्वेष के ये जवान हल पल इनकी सुरक्षा में चौकस रहेंगे और इनकी बातों में भी नहीं आएंगे।

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निर्भया के चारों दोषी - फोटो : Social Media
सुरक्षा को लेकर अधिकारी फिक्रमंद 
जेल नंबर तीन के हाई सिक्योरिटी सेल में बंद निर्भया के दोषियों की सुरक्षा को लेकर अधिकारी काफी फिक्रमंद हैं। जेल मैनुअल के मुताबिक ही फांसी की सजा पाए दोषियों की सुरक्षा दी जा रही है। लेकिन इसमें कोई चूक न हो इसके लिए लगातार इनके सेल को बदला जा रहा है। वहां की सुरक्षा के इंतजाम खुद जेल उपाधीक्षक करते हैं। इन्हें ऐसे सेल में रखा जाता है जहां बाहर में मौजूद सुरक्षाकर्मी आसानी से इन पर नजर रख सके।
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- फोटो : अमर उजाला
साथ ही सेल में इस बात पर भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि दोषी कभी भी सुरक्षाकर्मियों और सीसीटीवी कैमरे से ओझल न हो सके। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों को सख्त निर्देश है कि वे दोषियों से कोई बात नहीं करेंगे। अगर उन्हें किसी चीज की जरूरत होगी तो सुरक्षाकर्मी जेल अधिकारियों से संपर्क करेंगे। अधिकारी इस बात पर भी विशेष निगरानी रख रहे हैं कि दोषी खाना न छोड़े। इसके लिए लगातार उनका मेडिकल करवाया जा रहा है और उन्हें जेल मैनुअल के मुताबिक ही डाइट भी दी जा रही है। 
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