निर्भया का दोषी अक्षय कुमार सिंह
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इसके लिए जेल प्रशासन द्वारा करीब 25 लाख रुपये की लागत से एक नया तख्ता (प्लेटफॉर्म) तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से चार लोगों को एक साथ फांसी दी जा सकेगी। इससे पहले तिहाड़ में एक साथ दो लोगों को ही फांसी दी जा सकती थी। जेल प्रशासन का कहना है कि अदालत के आदेश के बाद अब जेल स्तर पर फांसी देने में किसी तरह की देरी नहीं होगी।
निर्भया का दोषी मुकेश सिंह
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इससे पहले दिसंबर महिने में निर्भया की मां द्वारा दायर की गई याचिका पर अदालत ने सुनवाई की थी। उस दिन डेथ वारंट जारी नहीं किए जाने पर निर्भया की मां ने निराश होकर कहा था कि कोर्ट केवल दोषियों के अधिकारों पर ध्यान दे रहा है, हमारे नहीं।
निर्भया का दोषी पवन गुप्ता
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हालांकि डेथ वारंट जारी होने का बाद अब भी दोषियों के पास अभी क्यूरेटिव पेटीशन और दया याचिका के विकल्प भी बचे हुए हैं। 22 तारीख से पहले दोषी किसी कानूनी विकल्प का इस्तेमाल करते हैं तो फांसी की निर्धारित तारीख के टलने की संभावना भी बढ़ सकती है।
इससे पहले निर्भया के गुनहगारों द्वारा जेल में आपराधिक वारदात की साजिश रचने की भी खबर भी सामने आई थी। वे खुद पर नया आपराधिक केस दर्ज करवाने की कोशिश में लगे हुए हैं, ताकि उनकी फांसी की सजा कुछ समय के लिए टाला जा सके।