यह युवती थी निर्भया जो 16 दिसंबर से लेकर अगले 11 दिनों तक सफदरजंग अस्पताल में ही रही, जब तक वह सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में नहीं चली गई। आज भी उसका इलाज करने वाले डॉक्टर उसे भूले नहीं हैं। वह कहते हैं कि वो पहला एक्स-रे था जिसने हमें उसके साथ हुई बर्बरता से काफी हद तक अवगत कराया। हमने निर्भया के पेट का एक बेसिक एक्स-रे किया था, जिसे देखकर हम चौंक गए थे क्योंकि उस रिपोर्ट में युवती की आंत ही नहीं दिखाई दी थी।