सात साल पहले दिल्ली की सड़कों पर चलती बस में निर्भया के साथ खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले छह दरिंदों में एक नाबालिग भी शामिल था। आज इतने वर्षों बाद जब निर्भया के दोषियों की फांसी को लेकर हलचल तेज हो गई है, तो सबकी नजरें उन चार हत्यारों पर टिकी हुई हैं, जो तिहाड़ में बंद हैं और अपनी जिंदगी के आखिरी दिन गिन रहे हैं। ऐसे में शायद ही किसी को निर्भया के उस छठे गुनहगार की याद है, जो इस वक्त अपने साथियों की मौत को सामने देखकर सिहर रहा होगा।