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Nirbhaya Case: दरिंदों ने सबूत मिटाने के लिए बस में किया था ये काम, गीली सीट देख पुलिस को गहराया था शक

Fri, 20 Mar 2020 06:30 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली  
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nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला
फांसी के सजा पाए निर्भया के गुनहगार आखिरकार सात साल, तीन महीने और तीन दिन बाद अपने अंजाम पर पहुंच गए। निर्भया के चारों दोषियों को शुक्रवार तड़के 5:30 बजे तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया। पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के दोषियों की ओर से फांसी टलवाने के लिए दायर याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी, जिसके बाद दोषियों के वकील ने फांसी की सजा पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की जिसे शीर्ष अदालत ने भी खारिज कर दिया। सुबह 5.30 बजे चारों दोषियों को फांसी पर लटका दिया गया।
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इसी बस में हुआ था हादसा - फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि निर्भया गैंगरेप केस में दोषियों ने सबूत खत्म करने की भरसक कोशिश की थी। बस के ड्राइवर रामसिंह ने डिटर्जेंट से बस को साफ कर दिया था। आरोपियों का सुराग मिलने के बाद जब पुलिस टीम आरके पुरम पहुंची तो बस की चमक और गीली सीट देखकर पुलिस का शक गहरा गया।

 
 
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Nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने ऐसे सबूत जुटाए जिसे आरोपी मिटा नहीं पाए थे। जिसमें खून के धब्बे, फटे हुए सीट कवर और अन्य निशान शामिल थे। उसके बाद पुलिस ने बस ड्राइवर रामसिंह को गिरफ्तार कर लिया। 
 

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निर्भया के दोषी - फोटो : अमर उजाला
16 दिसंबर की रात निर्भया अपने दोस्त के साथ साकेत स्थित सलेक्ट सिटी मॉल से फिल्म देखने के बाद रात 9 बजे मुनिरका पहुंचीं। जहां से वह दोषियों की बस में द्वारका जाने के लिए सवार हुई। सभी आरोपी रविदास कैंप आरके पुरम में पार्टी करके बस लेकर निकले थे। 
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इसी बस में हुई थी हैवानियत - फोटो : अमर उजाला
उस समय सभी नशे में थे। सवा नौ बजे आईआईटी होते हुए मुनिरका बस स्टैंड पहुंचने पर दोषियों ने दोनों को देखकर उन्हें द्वारका छोड़ने के बहाने बस में बैठा लिया। इसके बाद दरिंदगी की। 
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