दोषी मुकेश
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गुनहगारों से नोटिस में ये भी पूछा गया है कि अगर उनके नाम कोई प्रॉपर्टी है तो फांसी से पहले वो उसे किसके नाम करना चाहते हैं? या फिर उन्हें किसी धार्मिक किताब को पढ़ना हो या फिर किसी धर्मगुरु से मिलने की इच्छा हो तो जेल प्रशासन इसमें उनकी मदद कर सकता है। हालांकि आरोपियों ने इसका क्या जवाब दिया है यह अभी पता नहीं चल सका है।