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9वीं की छात्रा की खुदकुशी केस से सबक ले दिल्ली सरकार ने बजट में की हैप्पीनेस प्रोग्राम की घोषणा

Fri, 23 Mar 2018 10:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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class 9 - फोटो : facebook/अमर उजाला
मयूर विहार स्थित एल्कॉन स्कूल की नौवीं कक्षा की छात्रा की आत्महत्या को केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने गंभीरता से लिया है। सीबीएसई ने दिल्ली सरकार से इस मामले में जांच रिपोर्ट मांगी है, इस रिपोर्ट के आधार पर ही स्कूल प्रशासन के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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delhi budget - फोटो : G. pal
उधर बजट के दौरान शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने इस मामले को लेकर शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए। छात्रा की आत्महत्या पर दु:ख जताते हुए उन्होंने कहा कि वह एक स्टार थी, उसे यह भरोसा दिया जाना चाहिए था। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सचिव अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि छात्रा की आत्महत्या मामले में दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है।
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delhi budget - फोटो : G. pal
पत्र में उन्हें जांच रिपोर्ट सीबीएसई को भेजने के लिए कहा गया है। सीबीएसई स्कूल पर कार्रवाई होगी या नहीं, इस पर उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली सरकार का बजट पेश करते हुए शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने इस मामले को लेकर चिंता जताई। नृत्य में पारंगत होने के कारण बच्ची स्कूल की स्टॉर थी। सिर्फ दो विषय में कंपार्टमेंट आने से कोई बच्चा सुसाइड करें, यह हमारे एजुकेशन सिस्टम की खामी है। यह शिक्षा प्रणाली की खामी है कि उसे भरोसा नहीं दिया गया कि तुम एक स्टॉर हो। हम बच्ची के माक्र्सशीट पर जोर देते रह गए। इसीलिए दिल्ली सरकार आगामी सत्र से हैप्पीनेस करिकुलम लेकर आ रही है। इस पाठ्यक्रम में ऐसे घटक शामिल किए जाएंगे जो तनाव व चिंता कम करने वाले हों और बच्चों को खुशहाल जिंदगी जीने में सक्षम बनाने में मदद मिलेगी।

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delhi budget - फोटो : G. pal
बच्ची के माता-पिता के आरोपों को स्कूल प्रिंसिपल पहले ही खारिज कर चुके हैं। प्रिंसिपल का कहना है कि स्कूल बच्ची की खुदकुशी पर शोकग्रस्त है और इस घड़ी में परिवार के साथ है। उन्होंने बच्ची के प्रदर्शन पर कहा कि वह पढ़ाई में अच्छी नहीं थी, वह औसत छात्रा थी, लेकिन वह एक अच्छी डांसर थी।
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delhi budget - फोटो : G. pal
छात्रों के अंक पीटीएम के दौरान बताए जाते हैं। बच्ची के माता-पिता कभी पीटीएम में नहीं आए। बच्ची फेल नहीं थी उसकी कंपार्टमेंट आई थी और दुबारा परीक्षा होनी थी, जिसमें पास होकर वह आगे बढ़ सकती थी। जिन शिक्षकों पर परिवार आरोप लगा रहा है उनमें से एक महिला शिक्षक है वह कैसे लड़की का यौन शोषण कर सकती है। दूसरा शिक्षक 25 साल से पढ़ा रहा है, कभी उनके बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है।
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