दिल्ली के पालम में चार मंजिला इमारत में आग से एक ही परिवार के तीन बच्चों समेत नौ लोगों की मौत हो गई। इस दौरान तीन घायल हो गए। आग लगने के वक्त तीसरी मंजिल की बालकनी से फंसे परिवार के लोग बचाओ-बचाओ की गुहार लगा रहे थे, लेकिन नीचे खड़े लोग सिर्फ बेबसी से यह मंजर देखते रह गए।
नई दिल्ली के पालम के साध नगर मार्केट में उस सुबह आग सिर्फ एक इमारत में नहीं लगी थी, बल्कि एक परिवार की खुशियां एक साथ जल रही थीं। चार मंजिला इमारत आग की लपटों में घिरी हुई थी और ऊपरी मंजिलों पर फंसे मासूम बच्चे और बड़े, मौत के साये में जिंदगी के लिए छटपटा रहे थे।
तीसरी मंजिल की बालकनी से बचाओ-बचाओ की गुहार लगा रहे थे, लेकिन नीचे खड़े लोग सिर्फ बेबसी से यह मंजर देखते रह गए। देखते ही देखते आग ने राजेंद्र कश्यप के आधे परिवार को अपने आगोश में ले लिया।
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दिल्ली के पालम में इमारत में भयंकर आग लगी
- फोटो : भूपिंदर सिंह
आग की खबर मिलते ही मौके पर भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस, दमकल, एंबुलेंस, एनडीआरएफ और यहां तक कि एयरफोर्स की टीमें भी पहुंचीं, लेकिन उस वक्त की सच्चाई यही थी कि राहत से ज्यादा बेबसी दिखाई दे रही थी।
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दिल्ली में इमारत में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
आसपास की इमारतों को खाली कराया गया, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया, लेकिन कोई भी उस जलती हुई इमारत से अपनी नजरें नहीं हटा पा रहा था क्योंकि अंदर सिर्फ दीवारें नहीं, जिंदगियां जल रही थीं।
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दिल्ली में इमारत में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
राजेंद्र कश्यप के शोरूम में काम करने वाली रिया की आंखें नम थीं। वह बार-बार यही कह रही थी कि साहब और उनका परिवार हर कर्मचारी के सुख-दुख में साथ खड़ा रहता था।
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दिल्ली में इमारत में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
पास के दुकानदार रवि ने भी भारी मन से कहा कि इतने सरल और मददगार लोग थे कि आज पूरा बाजार शोक में है। घटना स्थल पर मौजूद हर शख्स के चेहरे पर सिर्फ दुख नहीं, गुस्सा भी था-सिस्टम की उस नाकामी पर, जिसने इस हादसे को इतना बड़ा बना दिया।
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दिल्ली में इमारत में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
जब हाथ से फिसली बच्ची तो निकली चीखें
इस त्रासदी के बीच एक और दिल दहला देने वाला दृश्य सामने आया। तीसरी मंजिल पर फंसे अनिल अपनी छोटी बच्ची को बचाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन सीढ़ी सिर्फ दूसरी मंजिल तक ही पहुंच सकी।
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दिल्ली के पालम में इमारत में भयंकर आग लगी
- फोटो : भूपिंदर सिंह
आग ने विकराल रूप लिया, तो मजबूरी में अनिल ने बच्ची को नीचे उतारने की कोशिश की लेकिन हड़बड़ाहट में बच्ची हाथ से फिसल गई। नीचे गिरते ही उसके दोनों पैर टूट गए। अपनी बेटी को गिरता देख अनिल खुद भी कूद पड़े और नीचे खड़ी कार से टकराकर घायल हो गए। उधर, भाई सचिन ने जान बचाने के लिए छत से पड़ोसी की छत पर छलांग लगाई। वह 25 फीसदी तक झुलस गए।
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दिल्ली के पालम में इमारत में भयंकर आग लगी
- फोटो : भूपिंदर सिंह
काश सुरक्षा जाल होता...
नीचे सुरक्षा जाल या कुशनिंग नहीं थी जो लोग जान बचाने के लिए कूदे, उन्हें जमीन ने नहीं, सिस्टम की लापरवाही ने चोट दी। यह हादसा सिर्फ आग का नहीं था यह उन चीखों का था जो मदद मांगती रहीं, उन आंखों का था जो उम्मीद लगाए खड़ी थीं और उस सिस्टम का था, जो वक्त पर खड़ा नहीं हो पाया।
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दिल्ली के पालम में इमारत में भयंकर आग लगी
- फोटो : भूपिंदर सिंह
घटनाक्रम
सुबह 6.30: इमारत में लगी आग
सुबह 7.01 बजे: कंट्रोल रूम को कॉल
7.10 बजे: पुलिस की टीम मौके पर पहुंची
7.15 बजे: दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची
7:20 बजे: स्पॉट से मेक 6 किया गया
8.00 बजे: दमकल की ब्रांटो गाड़ी मौके पर पहुंची
8:05 बजे मीडियम फायर घोषित हुआ:
9:05 बजे: सराउंडेड फायर की सूचना
9.30 बजे शव निकालना शुरू हुए
9.45 बजे एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची
10.00 बजे: बाकी एजेंसियां भी रेक्स्यू के लिए पहुंची।
11:00 बजे: फायर अंडर कंट्रोल सूचना
11.00 बजे लाडो देवी व हिमांशी के शव निकाले गए।
2.15 बजे: राजेंद्र कश्यप और सौरभ भारद्वाज मौके पर पहुंचे
2.20 बजे: आग बुझने का मैसेज
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Delhi Fire News
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में हुई आग की बड़ीं घटनाएं
दिसंबर, 2025 : तिगड़ी एक्सटेंशन के पास चार मंजिला मकान में आग से 4 लोगों की मौत।
जून, 2025 : द्वारका में रिहायशी इलाके की सातवीं, आठवीं और नौंवी मंजिल में लगी आग से कारोबारी समेत दो बच्चों की मौत
मार्च, 2025 : पंजाबी बाग में किराए के घर में आग लगने से दो बच्चों की मौत हो गई।
दिसंबर 2024 : सफदरजंग एन्क्लेव में घर में आग लगने से एक बुजुर्ग दंपती की हुई थी मौत।
मई 2024 : विवेक विहार स्थित बेबी केयर न्यू बोर्न अस्पताल में भीषण अग्निकांड में सात नवजात शिशुओं की जान चली गई थी।
फरवरी 2024 : अलीपुर स्थित एक अवैध केमिकल व पेंट फैक्ट्री में आग लगने से 11 लोगों की मौत।
जून, 2023 : मुखर्जी नगर में एक कोचिंग सेंटर की इमारत में भीषण आग लगी। इस घटना में 61 लोग घायल हुए।
मई, 2022 : मुंडका स्थित अवैध फैक्ट्री में लगी आग से 27 लोगों की मौत हुई।
जून, 2021 : पीरागढ़ी स्थित फैक्ट्री में लगी आग से छह लोगों की मौत हुई।
फरवरी, 2019 : करोल बाग स्थित होटल में लगी से 17 लोगों की मौत हुई।
दिसंबर, 2019 : अनाज मंडी स्थिति अवैध फैक्टरी में आग लगने से 43 लोगों की मौत हुई।
जून, 2018 : बवाना में एक फैक्ट्री में लगी से 17 लोगों की मौत हुई।
13 जून 1997 : दिल्ली का सबसे बड़ा अग्निकांड उपहार सिनेमा, ग्रीन पार्क में हुआ था, इसमें 59 लोगों की मौत हुई थी। 100 से अधिक लोग घायल घायल हुए थे।
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Delhi Fire
- फोटो : अमर उजाला
पालम में चार मंजिला इमारत में आग से एक ही परिवार के तीन बच्चों समेत नौ की मौत
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम इलाके में बुधवार सुबह एक बहुमंजिला आवासीय इमारत में भीषण आग लग गई। अग्निकांड में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला, उनकी तीन पोतियों समेत एक ही परिवार के नौ सदस्यों की मौत हो गई। एक पोती की उम्र मात्र तीन साल थी। तीन लोग घायल हैं, जिनमें से दो लोगों ने आग से बचने के लिए इमारत से छलांग लगाई थी। आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। इसकी जांच की जा रही है।
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Delhi Fire
- फोटो : अमर उजाला
मृतकों की पहचान
राजेंद्र की पत्नी लाडो (70), बेटे प्रवेश (33) और कमल (39), कमल की पत्नी आशु (35) और उनकी तीन बेटियां जिनकी उम्र 3, 6 और 15 साल थी। लाडो की बेटी हिमांशी (22) और बहू दीपिका (28) की भी मौत हो गई।
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मृतक कमल और आशु की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
वायरल हो रहे वीडियों से धुएं के गुबार दिखे
मौके से मिली वीडियो फुटेज में इमारत से धुएं के मोटे बादल उठते और आग की लपटें दिखाई दे रही थीं, जबकि दमकलकर्मी संकरी गलियों और धुएं से भरे इंटीरियर्स में प्रवेश कर लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रहे थे। आग की लपटों ने इमारत के कुछ हिस्सों को अपनी चपेट में लिया है। ऐसे में अग्निशमन दल को भीड़ वाले बाजार क्षेत्र में आग बुझाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
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मृतका हिमांशी की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
राजेंद्र प्रधान की है पूरी इमारत
राजेंद्र कश्यप मार्केट के प्रधान भी हैं और यह पूरी बिल्डिंग उनकी ही है। इमारत के बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर ब्यूटी पार्लर, चूड़ी की दुकान और दूसरे व्यवसाय चलते हैं। ऊपर के फ्लोर में उनके परिवार के लोग रहते हैं।
इसके बाद कई लोग तो ऊपर से कूद भी गए लेकिन बाकी परिवार के लोग अंदर फंस गए हैं, जिनमें महिलाएं भी हैं। फायर ब्रिगेड की टीम में जब तक मौके पर पहुंची तब तक आज बहुत ज्यादा लग गई थी। आसपास के लोग भी कोशिश कर रहे थे लेकिन फंसे हुए लोगों को बाहर नहीं निकाला जा सका।