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'करोड़ों खर्च कर भी एक स्थान पर देखने को नहीं मिलती देश-विदेश की संस्कृति'

Mon, 14 Mar 2016 10:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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विश्व सांस्कृतिक महोत्सव
विश्व सांस्कृतिक महोत्सव के आयोजन का संसद में विरोध होने और इस आयोजन को रुकवाने के लिए एनजीटी का दरवाजा खटखटाने पर आर्ट ऑफ लिविंग के प्रमुख श्रीश्री रविशंकर काफी खफा है।
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विश्व सांस्कृतिक महोत्सव
उन्होंने रविवार को कार्यक्रम स्थल पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ऐसे कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए सभी को सहयोग देना चाहिए। नेताओं को तो राजनीति से ऊपर उठकर आगे आना चाहिए।
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विश्व सांस्कृतिक महोत्सव
श्रीश्री रविशंकर ने महोत्सव की विशेषता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक मंच पर देश-विदेश की संस्कृति देखने के अवसर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी नहीं मिलते हैं।

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विश्व सांस्कृतिक महोत्सव
ऐसे महोत्सव से देश-दुनिया में शांति आती है और लोगों के विचार बदलते हैं। यह बातें वह नहीं कह रहे, बल्कि देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने उनको भेजे संदेश में ऐसा माना है। 
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विश्व सांस्कृतिक महोत्सव
उन्होंने चीन, पाक जैसे देशों से हमारे देश के अच्छे संबंध नहीं होने के बावजूद उनके कलाकारों के आने पर खुशी जताई।
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विश्व सांस्कृतिक महोत्सव
उन्होंने यमुना नदी के तट पर महोत्सव का आयोजन करने का खुलासा करते हुए बताया कि करीब साल भर पहले इस स्थान का चुनाव किया था और तभी से महोत्सव की तैयारी आरंभ कर दी थी।
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विश्व सांस्कृतिक महोत्सव
क्योंकि ऐसे कार्यक्रमों के लिए यमुना नदी के तट से अच्छा स्थान नहीं हो सकता था।

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विश्व सांस्कृतिक महोत्सव
एक ओर यमुना नदी से हमारी आस्था जुड़ी हुई है और दूसरी ओर इससे बड़ा क्षेत्र दिल्ली में उनको दिखा नहीं।
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विश्व सांस्कृतिक महोत्सव
उन्होंने बताया कि संस्था ने यमुना नदी को स्वच्छ बनाने की योजना तैयार की है, लेकिन फिलहाल उनको योजना पर अमल करने से मना कर दिया गया है। वह नदी को साफ करने का कोई रास्ता अवश्य निकालेंगे।
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