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NEET RESULT 2018: बिहार के नरवारा गांव की निवासी हैं कल्पना, स्टेथोस्कोप से खेलने वाली बनीं टॉपर

Tue, 05 Jun 2018 09:27 AM IST
परीक्षित निर्भय /अमर उजाला, नई दिल्ली
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neet topper kalpana - फोटो : हिमांशु सोनी
कहते हैं बुलंद हौसलों के साथ सपनों की उड़ान मुकाम दिलाती है। इस कहावत को असल जिंदगी में साकार किया है कल्पना कुमारी ने। बिहार के एक छोटे से गांव से दिल्ली तक का सफर तय करने वाली कल्पना कुमारी बचपन से ही डॉक्टर बनना चाहती थीं।
(सभी फोटो - हिमांशु सोनी/अमर उजाला)
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neet topper kalpana - फोटो : हिमांशु सोनी
उनके पिता का कहना है कि बचपन में कल्पना अक्सर स्टेथोस्कोप कानों में लगाकर उनकी धड़कनें नापती थी। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट (नीट) 2018 में सर्वाधिक अंक लाकर उसने अपने सपनों को पूरा कर लिया। कल्पना कुमारी ने नीट परीक्षा में 99.99 फीसदी अंक हासिल कर पूरे देश में टॉप किया है।
 
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neet topper kalpana - फोटो : हिमांशु सोनी
बिहार के शिवहर जिले के नरवारा गांव निवासी उनके पिता राकेश मिश्रा बताते हैं कि कल्पना की दसवीीं कक्षा तक पढ़ाई शिवहर जिला स्थित नवोदय विद्यालय से हुई है, जबकि इसके बाद 12वीं की परीक्षा बिहार बोर्ड से दीं। चूंकि कल्पना बचपन से ही डॉक्टर बनना चाहती थीं।

 

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neet topper kalpana - फोटो : हिमांशु सोनी
इसलिए दसवीं कक्षा पास करने के बाद से ही वह इस दिशा में जुट गई थी। दो वर्ष से दिल्ली के साउथ एक्सटेंशन-1 स्थित आकाश कोचिंग पढने जाती थीं और मालवीय नगर में अपनी मौसी के यहां रहती थीं। वहीं कल्पना कुमारी ने बताया कि उनके पिता एक शिक्षक हैं। वे जब भी डॉक्टर बनने के अपने सपने को पिता से साझा करतीं तो हमेशा ही उनके पिता का समर्थन उन्हें मिलता। उसी की बदौलत आज से इस मुकाम तक पहुंची हैं।    
  
 
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neet topper kalpana - फोटो : हिमांशु सोनी
बेटी का रिजल्ट पता चलते ही दिल्ली के लिए रवाना हुए कल्पना के पिता राकेश ने बताया कि वे मंगलवार सुबह तक दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि कल्पना की बड़ी बहन 12 जून से रक्षा मंत्रालय के अभियांत्रिकी शाखा ज्वॉइन करने वाली हैं।

 
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neet topper kalpana - फोटो : हिमांशु सोनी
जबकि इनका एक भाई गुवाहाटी स्थित आईआईटी में चतुर्थ वर्ष का छात्र है। खुद को भाग्यशाली बताते हुए राकेश कहते हैं कि वे हमेशा ही अपने बच्चों को श्रेष्ठ शिक्षा देने के पक्षधर रहे हैं। लेकिन उनके बच्चों ने उन्हें उम्मीद से कई गुना ज्यादा उपलब्धि दी है। जिसे वे शब्दों में बयां नहीं कर सकते।       
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