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1997 से 2026 तक कई अग्निकांड: इस बार रेस्तरां में जिंदा जले लोग, 30 साल में 200+ मौतें; कब-कहां-कैसे हुए हादसे

Wed, 03 Jun 2026 03:14 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

Delhi Malviya Nagar Fire Case: दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई। जबकि 37 लोग घायल है। दिल्ली में 1997 से 2026 तक तमाम अग्निकांड के हादसे हुए। लेकिन इन 12 हादसों में 1997 के उपहार सिनेमा अग्निकांड में सबसे ज्यादा मौतें हुई थी।
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मालवीय नगर अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह भीषण आग लग गई। इस घटना में 21 लोगों की जान चली गई और 37 लोग घायल हुए। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। 



मालवीय नगर के एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बताया कि खोज और बचाव अभियान 12:12 पर समाप्त हो गया। अभियान के दौरान कुल 47 लोगों को बचाया गया, जिनमें से 2-3 की हालत गंभीर है। अग्निशमन विभाग आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं कर पाया है, हालांकि आग ग्राउंड फ्लोर से शुरू हुई थी।
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1997 से 2026 तक कब कब दिल्ली ने रूलाया?

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दिल्ली के होटल में लगी आग - फोटो : जी पॉल
साकेत इमारत ढहने की घटना में 6 की मौत
बीती 30 मई को दिल्ली के साकेत में एक इमारत ठहने से छह लोगों की मौत हो गई। सैदुल्लाजाब में बहुमंजिला इमारत गिरने से छह लोगों की मौत हुई थी। आखिरकार एमसीडी की अवैध निर्माण के मामले में नींद टूट गई है। अब उसने जहां अवैैध निर्माण को चिह्नित करना शुरू कर दिया है, वहीं मंगलवार को विस्तृत रिपोर्ट जारी कर अपनी कार्रवाई और बचाव अभियान की जानकारी भी दी है। 
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दिल्ली के होटल में लगी आग - फोटो : जी पॉल
2026 पालम अग्निकांड 
पालम इलाके में 18 मार्च 2026 को एक चार मंजिला इमारत में आग लगने से नौ लोगों की मौत हो गई और तीन लोग घायल हो गए। एक चार मंजिला इमारत में सुबह करीब 6:30 बजे भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में व्यवसायी राजिंदर कश्यप के परिवार के 9 लोगों की जान चली गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल थे। इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंजिल पर कॉस्मेटिक्स और कपड़ों का शोरूम था, जबकि परिवार ऊपरी मंजिलों पर रहता था। माना जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी और कॉस्मेटिक्स जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों के कारण यह तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। आग से बचने के लिए एक बेटे ने अपनी दो वर्षीय बच्ची को नीचे बचाव कर्मियों की ओर फेंका और फिर खुद छलांग लगा दी, जबकि एक अन्य बेटा पास की इमारत पर कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। संकरी गली और तारों के जाल के कारण बचाव कार्य में काफी बाधा आई। चश्मदीदों के अनुसार, हाइड्रोलिक सीढ़ी के न खुलने से बचाव कार्य में 30-40 मिनट की देरी हुई, हालांकि दमकल विभाग का कहना था कि सीढ़ी की ऊंचाई तीसरी मंजिल तक पहुंचने के लिए कम थी। 

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दिल्ली के होटल में लगी आग - फोटो : जी पॉल
2026 विवेक विहार रिहायशी इमारत अग्निकांड
3 मई 2026 को पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में तड़के सुबह एक चार मंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर एयर कंडीशनर (एसी) के कंप्रेसर में हुए ब्लास्ट से भीषण आग लग गई। हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई और दो घायल हो गए। आग ने ऊपर जाने वाले रास्तों को ब्लॉक कर दिया, जिससे सो रहे एक ही परिवार के लोग अंदर ही फंस गए और दम घुटने से उनकी मृत्यु हो गई। 
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दिल्ली के होटल में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
2024 अलीपुर पेंट फैक्ट्री अग्निकांड
उत्तरी दिल्ली के अलीपुर इलाके में 15 फरवरी, 2024 एक पेंट फैक्टरी में आग लग गई हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई और 4 लोग घायल हो गए। एक अवैध केमिकल और पेंट मिक्सिंग फैक्ट्री में वेल्डिंग की चिंगारी से विस्फोट हो गया। ज्वलनशील केमिकल केमिकल नालियों में फैल गया, जिससे आग आसपास के घरों और दुकानों तक पहुंच गई और अंदर काम कर रहे लोग फंस गए।
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दिल्ली के होटल में लगी आग - फोटो : पीटीआई
2022 मुंडका कमर्शियल बिल्डिंग अग्निकांड
दिल्ली के मुंडका की एक कमर्शियल बिल्डिंग में आग से 27 लोगों की मौत हुई थी और 40 लोग घायल हुए थे। आग एक चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में, जहां सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक राउटर बनते थे, पहली मंजिल पर इलेक्ट्रिकल स्विच के पास आग लग गई। गत्ते और प्लास्टिक के कारण आग तेजी से फैली। इमारत में केवल एक ही निकास द्वार था, जिससे वहां काम करने वाली दर्जनों महिलाएं अंदर ही फंस गईं।
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दिल्ली के होटल में लगी आग - फोटो : पीटीआई
2022 गोकुलपुरी झुग्गी बस्ती अग्निकांड
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में 12 मार्च, 2022 को  झुग्गी बस्ती में आग लगने से 7 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 60 से अधिक झुग्गियां खाक हो गई। आधी रात को एक झुग्गी बस्ती में अचानक आग लग गई। प्लास्टिक, लकड़ी और तिरपाल जैसी ज्वलनशील चीजों के कारण आग इतनी तेजी से फैली कि संकरी गलियों में सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला।

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दिल्ली के होटल में लगी आग - फोटो : पीटीआई
2019 अर्पित पैलेस होटल अग्निकांड 
इस हादसे में 17 लोगों की मौत हुई थी। घटना करोल बाग के एक बजट होटल में एसी डक्ट में शॉर्ट सर्किट होने से आग गलियारों और छत पर बने अवैध रेस्टोरेंट में फैल गई। होटल के अंदर लगे लकड़ी के पैनलों के कारण धुआं तेजी से बढ़ा और इमरजेंसी गेट्स पर ताला लगे होने के कारण लोग अंदर ही फंस गए।

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दिल्ली के होटल में लगी आग - फोटो : पीटीआई
2019 अनाज मंडी फैक्टरी अग्निकांड 
दिल्ली में में 8 दिसंबर 2019 को रानी झांसी रोड पर अनाज मंडी फैक्टरी में आग लग गई। इस हादसे में 43 लोगों की मौत हो गई और 56 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। एक आवासीय क्षेत्र में अवैध रूप से चल रही बैग बनाने की फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। इमारत के अंदर सो रहे मजदूर जहरीले धुएं के कारण दम घुटने से मर गए। खिड़कियों पर लोहे की ग्रिल लगी होने और सीढ़ियों पर कच्चा माल जमा होने के कारण भागने का कोई रास्ता नहीं बचा था।

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दिल्ली के होटल में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
2018 बवाना औद्योगिक क्षेत्र अग्निकांड 
दिल्ली के बवाना इलाके में औद्योगिक क्षेत्र में आग में 17 की मौते और दो लोग घायल हुए थे। एक पटाखा पैकेजिंग यूनिट में अचानक आग लग गई। इमारत में आने-जाने का केवल एक ही रास्ता था। जब सीढ़ियों के पास आग लगी, तो ऊपर की मंजिलों पर काम कर रहे मजदूरों के लिए बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा।

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दिल्ली के होटल में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
1999 लाल कुआं केमिकल गोदाम अग्निकांड 
लाल कुआं केमिकल गोदाम हादसा 31 मई 1999 को हुआ जिसमें 57 मौतें हुई और 23 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। यह आग एक केमिकल गोदाम में भड़की थी और इसने इतनी तेजी से विकराल रूप ले लिया कि आसपास की इमारतें भी इसकी चपेट में आ गईं। एक स्थानीय निवासी के अनुसार, रसायनों के कारण दुर्घटना के बाद लगभग एक हफ्ते तक वहां की सड़क नीली दिखाई दे रही थी। इस भीषण अग्निकांड के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, केमिकल मार्केट को पुरानी दिल्ली से हटाकर होलंबी कलां स्थानांतरित कर दिया गया था। हालांकि, आज भी इस इलाके में तारों के जाल और संकरी गलियों के कारण आग लगने का खतरा बना हुआ है।
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Delhi Restaurant Fire - फोटो : @attorneybharti
1997 उपहार सिनेमा अग्निकांड 
आग लगने की घटना से जुड़ा सबसे बड़ा और चर्चित हादसा करीब 29 साल पुराना उपहार सिनेमा अग्निकांड रहा था। जिसमें 59 लोगों की जान चली गई थी। हालांकि, इसके बाद भी कई आग लगने की घटनाएं हुई हैं, जिनमें दर्जनों लोग मारे गए हैं। फिल्म बॉर्डर के शो के दौरान ग्राउंड फ्लोर पर लगे बिजली के ट्रांसफार्मर में चिंगारी उठी, जिससे पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में आग लग गई। इससे भारी मात्रा में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनी। सिनेमा हॉल के बालकनी सेक्शन में बैठे लोग बाहर नहीं निकल पाए क्योंकि प्रबंधन ने अतिरिक्त सीटें लगाने के लिए इमरजेंसी गेट्स को बंद या ब्लॉक कर दिया था।
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