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कमजोरी को मात देकर टॉपर बनीं मुदिता, देश के लिए करना चाहती हैं ये खास काम

Sun, 22 May 2016 09:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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टॉपर मुदिता - फोटो : अमर उजाला
मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता हौसलो से उड़ान होती है। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है फरीदाबाद के सेक्टर 14 स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल की छात्रा मुदिता जगोता ने। सीबीएसई 12वीं के परीक्षा परिणाम में दिव्यांग श्रेणी के तहत उन्होंने ऑल इंडिया टॉप किया है। 
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टॉपर मुदिता - फोटो : अमर उजाला
आट्र्स स्ट्रीम की छात्रा मुदिता ने 97 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। शनिवार को इस कामयाबी की खबर मिलते ही सेक्टर 14 स्थित उनके घर पर बधाइयों का तांता लग गया। मुदिता अपनी इस उपलब्धि के लिए अपने शिक्षकों और माता-पिता को श्रेय दे रही हैं। 
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टॉपर मुदिता - फोटो : अमर उजाला
स्पाइल मस्कुलर एट्रॉपी टाइप-2 से पीड़ित इस छात्रा ने अपनी निशक्ता को कभी कमजोरी नहीं समझा, बल्कि इसे अपनी ताकत बनाकर पढ़ाई में मन लगाते हुए आज मुकाम हासिल किया है। नर्सरी से 12वीं कक्षा तक मुदिता एक ही स्कूल में पढ़ती आ रही हैं, स्कूल प्रशासन ने इस हौनहार छात्रा का हौसला बढ़ाते हुए हर जरूरत को पूरा किया। 

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टॉपर मुदिता - फोटो : अमर उजाला
हमेशा सच्ची लग्न और कठिन परिश्रम के दम पर आगे बढ़ते हुए ही आज उन्हें यह सफलता प्राप्त की है। जिसपर न केवल उनका स्कूल, परिवार व जिला बल्कि पूरा देश गर्व कर रहा है। मुदिता कहती हैं कि निशक्तता को अपनी कमजोरी या परेशानी नहीं समझना चाहिए बल्कि उससे प्रेरित होकर आगे बढना चाहिए। 
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टॉपर मुदिता - फोटो : अमर उजाला
मुदिता के पिता मनहर जगोता बिजनेसमैन हैं, जबकि मां दीप्ति डीएवी स्कूल में ही अंग्रेजी की शिक्षक है। जन्म के एक साल बाद जब मां को यह पता चला कि बेटी चल नहीं सकती है तो झटका जरूर लगा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। हमेशा माता-पिता ने मुदिता को आगे बढने के लिए प्रेरित किया। 
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टॉपर मुदिता - फोटो : अमर उजाला
मुदिता कहती है कि मैं कभी नकारात्मक नहीं हुई। मैंने अपनी कमजोरी को ही ताकत बना लिया। खुद व्हील चेयर चलाकर स्कूल आती। दोस्तों ने भी मुदिता को पूरा सहयोग दिया। 
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टॉपर मुदिता - फोटो : अमर उजाला
सफलता का मूलमंत्र- मुदिता कहती हैं कि सुबह पांच बजे से मेरी दिनचर्या शुरू हो जाती। स्कूल के बाद चार से पांच घंटे पढ़ाई करना आदत बना लिया। गाना सुनने का शौक मुदिता को है। पढ़ाई के दौरान बीच-बीच में अपना शौक पूरा करती। 
 

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टॉपर मुदिता - फोटो : अमर उजाला
साइकोलॉजी में रिसर्च करना लक्ष्य- मुदिता दिल्ली विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान विषय में बीए करेंगी। उन्होंने बताया कि वह देश में बढ़ते क्राइम को कम करना चाहती है। इसके लिए उनका पहला लक्ष्य साइकोलॉजी में रिसर्च करना होगा। स्कूल के प्रधानाचार्य एसएस चौधरी ने बताया कि मुदिता को बचपन से देखते आ रहे हैं। कभी भी मुदिता ने अपने आप को कमजोर नहीं समझा। स्कूल प्रशासन और अध्यापकों ने कभी मुदिता को उसकी कमजोरी का अहसास नहीं होने दिया। मुदिता बचपन से ही हौनहार रही है। उसे जरूरत थी तो प्रोत्साहन की जो घर से भी मिला और स्कूल से भी। 
 
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टॉपर मुदिता - फोटो : अमर उजाला
रिपोर्ट कार्ड-
अंग्रेजी: 95
इतिहास: 98
साइकोलॉजी:98
पॉलीटिकल साइंस: 95
म्यूजिक वोकल:95
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