फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑल इंडिया टॉपर सुकृति : घंटों नहीं, मन लगाकर पढ़ने से मिली सफलता

Sun, 22 May 2016 09:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 8
- फोटो : अमर उजाला
मुझे कई घंटों तक पढ़ाई करनी है, ऐसा मैंने कभी नहीं सोचा। मुझे जितनी जरूरत थी उतनी देर मन लगाकर पढ़ाई की। उसी का नतीजा सबके सामने है। यह कहना है सीबीएसई की 12वीं परीक्षा के नतीजों में ऑल इंडिया टॉपर सुकृति गुप्ता का।
विज्ञापन

2 of 8
- फोटो : अमर उजाला
सुकृति ने कहा कि पूरा विश्वास था कि उनकी नतीजे बेहतर होंगे। सुकृति ने बताया कि वह शुक्रवार की रात को मम्मी से मैंने कहा कि आप परेशान मत होइए। मैं टॉप करने वाली हूं। ऐेसा नहीं था कि मुझे पता था, लेकिन मुझे विश्वास था कि मेरे पेपर अच्छे हुए हैं।
विज्ञापन

3 of 8
- फोटो : अमर उजाला
टॉप करने के बाद भी सुकृति को तकलीफ बस इतनी है कि गणित में उसका एक नंबर कट गया है। उन्हें उम्मीद थी कि उसमें उनके नंबर पूरे आएंगे। अशोक विहार की रहने वाली सुकृति ने बताया कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए कोई फिक्स समय तय नहीं कर रखा था।

4 of 8
- फोटो : अमर उजाला
वह जरूरत के मुताबिक जितनी देर भी पढ़ती, मन लगाकर पढ़ती थी। इसके साथ उन्हें अपनी कोचिंग, स्कूल टीचर्स और पैरेंट्स का साथ मिला। उन्होंने मेरे ऊपर कभी कोई प्रेशर नहीं बनाया कि पढ़ाई करो। सुकृति ने बताया कि उन्हें पढ़ाई के अलावा टीवी देखना बहुत पसंद है।
विज्ञापन

5 of 8
- फोटो : अमर उजाला
भाभी जी घर पर है उनका फेवरेट डेली शॉप है। सुकृति बताया कि इस दौरान उन्होंने टीवी देखना कम किया, लेकिन छोड़ा नहीं। इसके अलावा समय मिलने पर वह साइकिलिंग, मैगजीन पढ़ने, दोस्तों के साथ घूमने फिरने भी जाती है।
विज्ञापन

6 of 8
- फोटो : अमर उजाला
सुकृति का सपना डीयू में दाखिला नहीं बल्कि इंजीनियरिंग करना है। वह जेईई मेन के बाद अब रविवार को जेईई एडवांस की परीक्षा देने जा रही है। आईआईटी का दरवाजा नहीं खुला तो उनकी रैंक इतनी है कि उसे दिल्ली टेक्निकल विश्वविद्यालय में दाखिला मिल जाएगा। वहां उनकी बड़ी बहन श्रेया पहले से पढ़ रही है।
विज्ञापन

7 of 8
- फोटो : अमर उजाला
मम्मी-पापा को शुक्रवार को ही बताया था कि टॉप करूंगी : सुकृति के पिता राकेश गुप्ता व मां दोनों इनकम टैक्स कमिश्नर हैं। उन्होंने बताया कि हमने सुकृति पर कभी पढ़ाई के लिए दबाव नहीं बनाया। उसे जो जरूरत थी हम उसे उपलब्ध कराया। कई बार तो हमें उसे बोलना पड़ता था कि जाओ थोड़ा बाहर भी घूम आओ।
विज्ञापन

8 of 8
- फोटो : अमर उजाला
वह खुद अपने जरूरत के मुताबिक बैठकर पढ़ाई करती थी। उन्होंने बताया उसे अपने ऊपर भरोसा था। तभी उसने शुक्रवार रात को हमें बताया कि वह टॉप कर रही है। हमने उसे गंभीरता से नहीं लिया। मगर परिणाम आने के बाद वह सच हो गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें