यूपी विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद आज पहली बार अपनी पत्नी के हत्यारोपी अमनमणि त्रिपाठी सीबीआई कोर्ट पहुंचे। वह पूरे समय यहां मुस्कुराते नजर आए। आज अदालत ने केस की सुनवाई 29 मार्च तक के लिए टाल दी। (सभी फोटो- पप्पू नेहरा/गाजियाबाद)
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- फोटो : पप्पू नेहरा/अमर उजाला
महाराजगंज जिले के नौतनवा सीट से निर्दलीय विधायक चुने गए अमनमणि त्रिपाठी के चेहरे पर किसी प्रकार की शिकन नहीं दिख रही थी। बल्कि वह पहले से भी ज्यादा खुश नजर आ रहे थे।
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- फोटो : पप्पू नेहरा/अमर उजाला
उनके साथ यूपी के पूर्व ऊर्जा राज्यमंत्री रहे सतीश शर्मा भी थे। बता दें कि अमनमणि पिछले शुक्रवार को ही डासना जेल से जमानत पर रिहा हुए हैं। शुक्रवार को यूपी के पूर्व ऊर्जा राज्यमंत्री रहे सतीश शर्मा और शिप्रा सनसिटी में केबल कारोबारी सुरेंद्र शर्मा ने अमनमणि की जमानत दी।
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- फोटो : पप्पू नेहरा/अमर उजाला
जेएम सीबीआई चेतना सिंह की कोर्ट से रिहाई परवाना जारी होने के बाद देर शाम अमनमणि को जेल से रिहा कर दिया गया। विगत कई माह से डासना जेल में बंद अमनमणि त्रिपाठी की जमानत अर्जी बृहस्पतिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली थी।
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- फोटो : पप्पू नेहरा/अमर उजाला
जेएम सीबीआई चेतना सिंह ने पांच-पांच लाख के दो जमानती और इतनी ही राशि के निजी बेलबांड पर आरोपी को जमानत दे दी। अमनमणि के लिए यूपी के पूर्व ऊर्जा राज्यमंत्री सतीश शर्मा और शिप्रा सन सिटी में केबल कारोबारी सुरेंद्र शर्मा ने जमानत दी।
दोनों जमानतियों ने इसके लिए पांच-पांच लाख की बैंक एफडी कोर्ट में पेश की। जमानतियों का भौतिक सत्यापन कराए जाने के बाद कोर्ट ने अमनमणि का रिहाई परवाना जारी कर दिया। देर शाम अमनमणि के जेल से रिहा होने के बाद उसके परिजन और परिचित उन्हें लेकर महाराजगंज की ओर रवाना हो गए।