उम्र 46 साल, मिशन 180 दिनों में 6010 किलोमीटर की दौड़ लगाना। मकसद वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के साथ दुनिया को यह बताना की एक महिला भी यह कर सकती है। जी हां, हम बात कर रहे है पुणे निवासी मिशेल काकडे़ की। जिन्होंने 21 अक्तूबर को अपनी छह हजार किलोमीटर के सफर को शुरू किया। इस सफर के 42वें दिन सोमवार को वे दिल्ली पहुंची। इसके साथ ही उन्होंने 1500 किलोमीटर का सफर पूरा कर लिया है। मिशेल काकड़े ने सफर के लिए जो रूट मैप चुना है वह चार महानगरों को जोड़ने वाला स्वर्णिम चतुर्भुज राजमार्ग बनाता है। (सभी फोटो: कुमार संजय/अमर उजाला, नई दिल्ली)
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पूरा भारत दौड़ रही मिशेल, ख्वाब यहां बनाएं अपना वर्ल्ड रिकॉर्ड
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उनका यह सफर मुंबई से शुरू हुआ है जो कि दिल्ली वाया यूपी, कोलकाता होते हुए चेन्नई फिर मुंबई में ही खत्म होगा। इसलिए इसे चतुर्भुज रन भी कहा जा रहा है। मिशेल इसके लिए एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की कोशिश कर रही है। रविवार को वह रेवाड़ी से होते हुए सोमवार तड़के दिल्ली पहुंचीं। 35 किलोमीटर का सफर उन्होंने दिल्ली बदरपुर बॉर्डर के पास स्थित जसोला से आगे मोहन एस्टेट तक पूरा किया।
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वह एक दिन में कम से कम 35 किलोमीटर का सफर पूरा करती हैं। मंगलवार को वह फरीदाबाद से अपने दौड़ के आगे बढ़ाएंगी। रिकॉर्ड के लिए यह उनकी कोई पहली दौड़ नहीं है। डेजर्ट रन में वह पहली भारतीय है जिन्हें वर्ल्ड में जाना जाता है। इसके लिए ट्रेडमिल रन में 25 घंटे तक लगातार 171.2 किलोमीटर दौड़ लगाने का रिकॉर्ड भी इनके नाम है।
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मिशेल काकड़े बताती हैं कि दौड़ का उनका यह सिलसिला 12 साल पहले शुरू हुआ। वह पुणे की रहने वाली है। उनके दो बच्चे हैं। करीब 12 साल पहले कुछ दोस्त एक दौड़ के आयोजन में ले गए। वह जाना नहीं चाहती थी लेकिन वे जबरदस्ती ले गए। तब से दौड़ का सिलसिला जारी है। लिम्का बुक में तीन रिकॉर्ड उनके नाम है।
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6000 किलोमीटर के रन को चुनने के पीछे बताया कि वह चाहती है कि उनका जो वर्ल्ड रिकॉर्ड हो वह भारत में बने। साथ ही यह बताना चाहती हैं कि कोई महिला भी ऐसा कर सकती है। उन्होंने बताया कि इसके लिए वो एक साल से तैयारी कर रही थी और खासतौर से 10 हजार किलोमीटर की दौड़ लगा चुके राज वाडगामा से ट्रेनिंग ली है।