दिल्ली के कुछ लोगो का आरोप है कि ट्रेन गुजरते समय यात्रियों की आंखें अंदर झांकती हैं। दरअसल कई घरों के बेडरूम ट्रैक साइड पर हैं।
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इन फ्लैटों के बेडरूमों में झांकते हैं मेट्रो के यात्री
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सद्भावना अपार्टमेंट की प्रतिभा कहती हैं कि ट्रैक की साइड पर बेडरूम होने के चलते यात्री अंदर तक झांक सकते हैं। इसी के चलते बालकनी के साथ-साथ बेडरूम की खिड़कियों को भी बंद कर दिया है।
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इन फ्लैटों के बेडरूमों में झांकते हैं मेट्रो के यात्री
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इसी अपार्टमेंट पूजा शर्मा ने मैं साढ़े 12 बजे का इंतजार करती रहती हूं, ताकि आखिरी ट्रेन निकले और फिर खिड़कियों को खोलूं।
इन फ्लैटों के बेडरूमों में झांकते हैं मेट्रो के यात्री
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गरुड़ अपार्टमेंट की मनोरमा के मुताबिक काम करते हुए कई बार अचानक तेज कंपन से डर लगता है कि कहीं भूकंप तो नहीं आ गया।