केंद्र सरकार ने डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल की है जिससे आम लोगों को काफी फायदा होने वाला है।
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misuse of cards
दरअसल सरकार ने घोषणा की है कि 2000 तक के डिजिटल ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) वह खुद देगी। यानी अब 2000 तक के कार्ड पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।
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pnb card
यह सुविधा 1 जनवरी 2018 से लागू हो जाएगी। हालांकि सरकार यह सुविधा सिर्फ दो साल तक ही देगी।
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misuse of cards
केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सरकार ने यह कदम डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार बैंकों और व्यापारियों को MDR का भुगतान करेगी। डेबिट कार्ड, आधार के जरिए पेमेंट, यूपीआई (भीम ऐप) से पेमेंट करने पर सरकार यह राशि वापस करेगी।
क्या है MDR : मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR), वह कमिशन होता है जो बैंक हर ट्रांजैक्शन पर दुकानदार से लेती है। कई जगह इसे दुकानदार सीधे बिल में जोड़कर भी लोगों को बाताते हैं, और यह फीस भी वह कस्टमर से वसूलते हैं। बैंक द्वारा MDR के तौर पर कमाई गई राशि में से कार्ड जारी करने वाले बैंक और कुछ हिस्सा पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स जैसे वीजा, मास्टरकार्ड या NPCI को दिया जाता है। इस चार्ज के कारण ही दुकानदार कार्ड से पेमेंट पर हिचकते हैं। MDR को रिजर्व बैंक तय करता है।