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मिलिए उनसे जिन्होंने जीता लाल दुर्ग, कहीं जश्न तो कहीं मायूसी

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वामपंथियों के गढ़ कहे जाने वाले जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के लाल दुर्ग में छात्रसंघ चुनावों में भगवा ने वापसी की तो लगातार तीन चुनाव जीत दर्ज करने वाली आइसा को झटका लगा है। जेएनयू छात्रसंघ चुनावों में अध्यक्ष पद पर एआईएसएफ, उपाध्यक्ष व महासचिव पद पर आइसा तो संयुक्त सचिव पद की सीट पर एबीवीपी को जीत मिली है। खास बात यह है कि चौदह साल केलंबे इंतजार के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी को सेंट्रल पैनल में संयुक्त सचिव की सीट मिली है। (सभी फोटो: अमर उजाला, नई दिल्ली)
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जेएनयू कैंपस में 11 सितंबर को आयोजित छात्रसंघ चुनावों का रिजल्ट रविवार को आया है। लगातार तीन सालों से सेंट्रल पैनल पर काबिज आइसा के लाल दुर्ग में भगवा ने सेंध लगा दी है। लगभग 53.33 फीसदी मतदाताओं ने अपने वोट से छात्रसंघ चुनाव में अपने मुद्दों पर प्रत्याशियों का चयन कर लिया है।
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एआईएसएफ ने चुनाव से पहले सभी वामपंथी छात्र संगठनों को एक बैनर तले (लेफ्ट प्रोग्रेसिव फ्रंट) से चुनाव लड़ने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन आइसा, डीएसएफ व एसएफआई के गठजोड़ न होने के चलते तीनों ने अलग-अलग बैनर से चुनाव लड़ा। हालांकि एआईएसएफ ने चुनाव में एकमात्र अध्यक्ष पद पर प्रत्याशी खड़ा किया और जीत हासिल की।

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जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर एआईएसएफ के कन्हैया कुमार ने आइसा के विजय कुमार को 67 वोटों के अंतर से मात दी है। जबकि तीन सालों से सेंट्रल पैनल की सभी सीटों पर आइसा का परचम था।
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दूसरे आइसा के अध्यक्ष पद के दावेदार विजय कुमार स्कूल काउंसलर रह चुके थे और मतदाताओं के बीच अच्छी पकड़ थी। उपाध्यक्ष पद की विजेता आइसा की शेहला राशिद सोहरा ने एबीवीपी की वेलंटीना ब्रह्मा को 234 वोटों से हराया है। जबकि वेलंटीना को पूर्वोत्तर के सभी छात्रों का साथ मिला क्योंकि वह नॉर्थ-ईस्ट की एकमात्र प्रत्याशी थीं।
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महासचिव पद पर आइसा के रमा नागा ने एबीवीपी के देवेंद्र सिंह राजपूत को 195 वोटों के अंतर से हराया है। वहीं, संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के सौरभ कुमार शर्मा ने आइसा के प्रबल दावेदार हामिद रजा को 28 वोटों से हराया। जबकि लाल दुर्ग में मतदाताओं के बीच एबीवीपी की कोई खास पहुंच नहीं है।
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हालांकि इस सीट पर एबीवीपी की जीत इसलिए खास बन जाती है, क्योंकि उसने लेफ्ट की मोदी व भगवा विरोधी विचारधारा के बीच चौदह सालों के बाद सेंट्रल पैनल में जगह बनायी है। वंदे मातरम की गूंज के बीच उड़ा भगवा गुलाल सेंट्रल पैनल में चौदह साल के लंबे इंतजार के बाद संयुक्त सचिव की सीट मिलने की खुशी एबीवीपी समर्थकों में दिखी। एबीवीपी के पदाधिकारी रोहित चहल समेत अन्य दिग्गजों के साथ संगठन ने कैंपस में विजय जुलूस निकाला।

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मोदी-मोदी और वंदे मातरम, भारत माता की जय के जयकारों के साथ भगवा गुलाल की होली खेली गई। ढोल, चिमटा और मजीरा के बीच एबीवीपी ने मतदाताओं का धन्यवाद देते हुए खुशियां मनाई।
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लाल दुर्ग में यह पहला मौका था कि सेंट्रल पैनल पर लेफ्ट की तीन सीट आने के बाद भी लाल झंडा और ढपली की थाप सुनाई नहीं दी। एक ओर जहां एबीवीपी महज एक सीट पर जश्न मनाती दिखी तो गोदावरी हॉस्टल के ग्राउंड में आइसा व एआईएसएफ जीत के बाद भी मतदाताओं का धन्यवाद देने के लिए विजयी जुलूस नहीं निकाला। जबकि हर वर्ष जीत के साथ ही घंटों कैंपस में विजयी जुलूस में लाल झंडे को सलाम करते नारे सुनाई देते थे।
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