दिल्ली के सिविक सेंटर में मंगलवार को एक अनूठा नजारा दिखा। कांवड़ लेकर दिल्ली पहुंचे उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर अवतार सिंह सभी फ्लोर पर गंगाजल का छिड़काव करते घूमते दिखाई दिए। दिलचस्प यह कि उन्होंने अपने इस प्रयास को निगम की आर्थिक तंगी से जोड़ा। उन्होंने बताया कि गंगाजल की बूंदे निगम की झोली भरने में मददगार होंगी। इससे पहले महापौर कांवड़ लेने अपने आठ दोस्तों के साथ हरिद्वार गए थे।
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गंगाजल का छिड़काव
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार रात वहां से अपनी बुलेट से लौटने के बाद मंदिर में जलाभिषेक के बाद सबसे पहले आर्थिक तंगी से जूझ रहे उत्तरी दिल्ली नगर निगम की समृद्धि के लिए मंगलवार को सिविक सेंटर स्थित निगम मुख्यालय भवन के सभी फ्लोर पर गंगाजल का छिड़काव किया। इस दौरान उन्होंने किसी भी व्यक्ति से बातचीत नहीं की, ताकि निगम की समृद्धि के लिए किए जाने वाले इस पुण्य कार्य में किसी तरह की रुकावट ना आए। उत्तरी निगम पहले से ही आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है।
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गंगाजल का छिड़काव
- फोटो : अमर उजाला
इस वजह से कई विकास कार्यों की राह में रुकावटें आ रही हैं, जिसे देखते हुए महापौर ने यह निर्णय लिया है। महापौर अवतार सिंह ने बताया कि कांवड़ लेने के लिए पिछले छह वर्षों से जा रहे हैं। मेयर बनने के बाद यह पहला मौका है जब उन्होंने निगम की बेहतरी और वित्तीय समृद्धि के लिए निजी तौर पर यह निर्णय लिया है। हालांकि उत्तरी निगम के अधिकारी और पार्षद लगातार कमजोर वित्तीय स्थिति से निपटने की कोशिशें की जा रही है, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं आया।
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गंगाजल का छिड़काव
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28वीं मंजिल से किया छिड़काव
महापौर अवतार सिंह ने सिविक सेंटर की 28वीं मंजिल से गंगाजल का छिड़काव किया, ताकि पूरे भवन को इससे समृद्धि मिले और पार्षदों सहित तमाम कर्मी और अधिकारियों को भी खुशहाली मिल सके। इस मौके पर उप महापौर योगेश वर्मा, स्थायी समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश, नेता सदन तिलकराज कटारिया, नेता प्रतिपक्ष सुरजीत सिंह पवार, कांग्रेस पार्टी के नेता मुकेश गोयल, पर्यावरण प्रबंधन सेवाएं समिति के अध्यक्ष इकबाल सिंह सहित पार्षद और कर्मचारी व अधिकारी भी मौजूद रहे।
उत्तरी निगम पर 1200 करोड़ से अधिक का बकाया
उत्तरी निगम पर अभी भी दिल्ली सरकार पर अभी भी 1200 करोड़ से अधिक का बकाया है। स्वास्थ्य और सफाई सहित कुछ और मदों में फंड मिला भी है, लेकिन नाकाफी है। साल दर साल निगम की वित्तीय हालत बिगड़ती जा रही है। स्थायी समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश ने बताया कि निगम को आर्थिक तौर पर पंगु बनाने की साजिश है।