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Delhi Fire: हंसते-खेलते छोड़कर गए थे बच्चों को, जले शव देख कांपे लोग; मन्नतों के बाद पैदा हुआ था आलम; तस्वीरें

Mon, 28 Apr 2025 03:02 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

दिल्ली के रोहिणी के सेक्टर-17 स्थित झुग्गियों में रविवार को भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से दो मासूमों की जलकर मौत हो गई, वहीं 28 साल का एक युवक झुलस गया। आग से करीब 200 झुग्गियां जलकर राख हो गईं। 
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दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-17 स्थित झुग्गियों में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
देश की राजधानी दिल्ली के रोहिणी में झुग्गी में भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से दो मासूमों की झुलसकर मौत हो गई जबकि एक गंभीर रुप से झुलस गया। हादसे में जान गंवाने वाले चार साल के आलम शेख के माता-पिता का रो रोककर बुरा हाल है। पिता मिट्ठू कहते हैं कि वह अपने बेटे को हंसते खेलते छोड़ गए थे, लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि वह अपने बेटे को ऐसी हालत में देखेंगे। उन्होंने कहा कि आलम उनका इकलौता बेटा था और काफी मन्नत मांगने के बाद बेटा पैदा हुआ था। लेकिन वह उन्हें कुछ दिन की खुशियां देकर चला गया।
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दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-17 स्थित झुग्गियों में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
बेटे को रिश्तेदार के पास छोड़ कर काम पर गए थे
मिट्ठू ने बताया कि सबकुछ खत्म हो गया। वह घटना के तीन घंटे पहले ही काम पर गए थे। झुग्गियों में आग लगने की सूचना मिलते ही वह तुरंत भाग कर यहां पहुंचे। तब तक सबकुछ खत्म हो चुका था। उसने बताया कि वह मूलत: झारखंड के रहने वाले हैं। यहां 20 साल से रह रहे थे। वह पत्नी चायना के साथ बरवाला स्थित फैक्टरी में कूड़ा उठाने का काम करते हैं। रोज की तरह वह बेटे को पड़ोस में रहने वाले रिश्तेदार के पास छोड़ कर काम पर चले गए थे। उन्होंने रोते हुए कहा कि कई बार वह अपने बेटे को काम पर ले जाते थे।
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दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-17 स्थित झुग्गियों में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
आग की भयावहता की वजह से बच्ची को न बचा पाई महिला
रविवार को भी उसे साथ ले जाते तो संभव था कि उसकी जान बच जाती। वहीं, सादिया के पिता शमीम शाह की बेटी की मौत के बाद से रो रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि वह अपनी पत्नी तुली और बेटी के साथ यहां रहते थे। वह दस साल पहले पश्चिम बंगाल स्थित बीरभूम से दिल्ली काम के सिलसिले में आए थे। तब से वह यहां रह रहे हैं। घटना के समय वह काम पर गए थे। जबकि उसकी पत्नी राशन लेने के लिए दुकान गई थी। वहां से आने पर उसने झुग्गी से आग की लपटें निकलते देखी। वह बेटी को बचाने के लिए झुग्गी की ओर जाने लगी, लेकिन आग की भयावहता की वजह से वह उसे नहीं बचा पाई।
 

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दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-17 स्थित झुग्गियों में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
झुग्गी में लगी भीषण आग, दो मासूमों की झुलसकर मौत, एक घायल
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-17 स्थित झुग्गियों में रविवार की सुबह भीषण आग लगने से दो मासूमों की जलकर मौत हो गई, वहीं 28 साल का एक युवक झुलस गया। घायल युवक को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग लगने से यहां स्थित करीब 200 झुग्गियां जलकर राख हो गईं। कई बकरियां और मुर्गें भी जलकर मर गए। मौके पर पहुंचीं दमकल की 26 गाड़ियों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल कूलिंग का काम चल रहा है। पुलिस आग लगने के कारणों की जांच में जुट गई है।
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दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-17 स्थित झुग्गियों में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
मृत मासूमों की पहचान चार साल के आलम शेख और तीन साल की सादिया के रूप में हुई है। वहीं घायल युवक की पहचान शबुल शेख के रूप में हुई है। दोनों बच्चे परिजनों के साथ झुग्गी में रहते थे। दमकल विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि रविवार सुबह करीब 11.55 में रोहिणी सेक्टर 17 के श्री निकेतन अपार्टमेंट के पास स्थित झुग्गी में आग लगने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही दमकल की एक दर्जन गाड़ियां मौके पर भेजी गई। 
 
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दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-17 स्थित झुग्गियों में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
मौके पर पहुंचे दमकल अधिकारियों ने देखा कि आग तेजी से वहां स्थित सैकड़ों झुग्गियों में फैल गई है। झुग्गियों में लगातार सिलिंडर के धमाके हो रहे थे। इससे आग तेजी से फैल रही है। इसी बीच लोगों को बचाने के क्रम में एक युवक घायल हो गया। उसे पुलिस ने तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया। मौके पर काफी भीड़ जमा थी। 

 
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दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-17 स्थित झुग्गियों में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। आग में 200 से अधिक झुग्गियां जलकर राख हो गई थी। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने के बाद तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान दो मासूम एक झुग्गी के पास जली हुई हालत मृत मिले। उन्हें तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
 

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सादिया का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
झुग्गियों में रहते थे एक हजार से अधिक लोग
स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां दो सौ से अधिक झुग्गियां थीं। इसमें करीब एक हजार से अधिक लोग रहते थे। यहां रहने वाले ज्यादातर लोग कबाड़ खरीदने और बेचने का काम करते थे। झुग्गी के भीतर ही कई कबाड़ गोदाम और अन्य दुकानें भी थीं। स्थानीय निवासी अली शेख ने बताया कि आगजनी में यहां कुछ भी नहीं बचा। झुग्गियों के साथ दुकानें भी जलकर राख हो गईं। उसने बताया कि हवा चलने के कारण आग तेजी से फैली और इस दौरान लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। सभी जान बचाकर यहां से भागे। आग लगते ही झुग्गियों में रखे सिलिंडरों में धमाके होने लगे। जिससे आग काफी तेजी से फैल गई। चारों तरफ आग लगी लपटें और धुआं ही धुआं नजर आ रहा था। आग लगते ही वहां अफरा-तफरी मच गई थी। कुछ लोग जान पर खेलकर झुग्गियाें से सामान निकाल रहे थे। इसके बावजूद कई लोगों के गहने और अन्य सामान जलकर राख हो गए।

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आलम शेख का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
दमकल की गाड़ियां आधे घंटे देर से पहुंचने का आरोप
झुग्गी में रहने वालों ने आरोप लगाया कि कई बार सूचना देने के बावजूद दमकल की गाड़ियां देर से मौके पर पहुंची। उनका आरोप है कि जानकारी देने के बाद दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची थी। इस दौरान आग तेजी से फैलती चली गई। अन्य गाड़ियां करीब 30 से 35 मिनट के बाद घटनास्थल पर पहुंची। तब तक आग पूरी झुग्गियों में फैल चुकी थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उनलोगों ने पत्थर मारकर एक दमकल की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया।

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Delhi Fire News - फोटो : ani
किराये की जमीन पर बनीं थीं झुग्गियां
स्थानीय लोगों ने बताया कि किराये की जमीन पर झुग्गियां बनाई गई थी। सभी झुग्गी वाले जमीन के मालिक को हर महीने किराया देते थे। लेकिन बाद में लोग आते गए और अपनी झुग्गी बनाते गए। उसके बाद लोगों ने जमीन के मालिक को किराया देने बंद कर दिया।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
घर से बेघर हुए लोगों के सामने आर्थिक संकट
स्थानीय लोगों ने बताया कि अग्निकांड में करीब एक हजार लोग बेघर हो गए हैं। इनका सारा सामान भी जल गया। इनके पास खाने के लिए भी कुछ नहीं बचा। साथ ही इनके रेहड़ी वगैरह जलने से इनके सामने रोजगार की समस्या भी आ गई है। लोगों ने बताया कि इनके पास सिर्फ शरीर पर पहने कपड़े ही बचे हुए हैं। लोगों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

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