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दिल्लीः मकबरे के बाद अब 'मस्जिद' से छेड़छाड़, दावा- ये है महाराणा प्रताप का किला

Sun, 10 Jun 2018 09:45 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई दिल्ली
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khirki masjid - फोटो : अमर उजाला
देश की राजधानी दिल्ली में ऐतिहासिक महत्व के इमारतों से छेड़छाड़ का मामला थम नहीं रहा। पिछले दिनों जहां एक मकबरे को शिवालय बनाने की बात सामने आई थी वहीं अब एक 14वीं शताब्दी के पुराने मस्जिद के नाम से छेड़छाड़ की बात सामने आई है।
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khirki masjid - फोटो : अमर उजाला
दरअसल ये पूरा मामला तब सामने आया जब इस ऐतिहासिक मस्जिद के बाहर लगे बोर्ड से 'मस्जिद' शब्द हटाने की घटना हुई। यह मामला दिल्ली के खिड़की मस्जिद का है जहां बाहर लगे बोर्ड से किसी ने मस्जिद शब्द हटा दिया। यह किसने किया वो अब तक प्रशानस के लिए पहेली बना हुआ है। कहा जा रहा है कि कुछ लोग अक्सर ही मस्जिद शब्द को बोर्ड से हटा देते हैं।
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khirki masjid
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार मस्जिद के बाहर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग(एएसआई) ने नीले रंग का बोर्ड लगा रखा है। इस बोर्ड पर विभाग ने मस्जिद के बारे में जानकारी लिख रखी है। कुछ लोग ऐसे हैं जो बोर्ड पर से मस्जिद शब्द हटा देते हैं।

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khirki masjid
मस्जिद के बाहर तैनात गार्ड ने बताया, 'एक-डेढ़ साल पहले, पहली बार ऐसा हुआ था और हमनें एएसआई अधिकारियों को बताया और हमें वापस मस्जिद लिखने को कहा गया। लेकिन अगले दिन ऐसा ही वापस हुआ।'
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गार्ड ने ये भी बताया कि कई स्थानीय लोग कहते हैं कि यह महाराणा प्रताप का बनवाया हुआ किला है। वहीं जब एएसआई के एक अधिकारी से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने ये माना कि ये एक संवेदनशील मुद्दा है लेकिन इसके बारे में जानकारी से इनकार कर दिया। शायद एएसआई इंचार्ज जिससे इस मामले में शिकायत की गई थी उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इस बारे में न बताया हो। यह एएसआई की ओर से नहीं किया गया है, बल्कि शरारती तत्वों का काम है।
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बता दें कि 1915 के भारत के राजपत्र के अनुसार, एएसआई ने इस इमारत को "खिड़की मस्जिद" के रूप में अधिसूचित किया है। इस मस्जिद का निर्माण मलिक मकबूल ने किया था, जो कि फिरोज शाह तुगलक के शासन में दिल्ली सल्तनत के प्रधानमंत्री थे। बता दें कि मस्जिद के बाहर लगे बोर्ड पर इतिहास को लेकर कोई जानकारी नहीं है।
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