यूपी इलेक्शन के ठीक पहले कांग्रेस के लिए यहीं से एक बुरी खबर आई है। राहुल गांधी के बेहद करीबी रह चुके और गाढ़े समय में उनका साथ देने वाले एक युवा नेता ने उनका साथ छोड़ दिया है।
विज्ञापन
2 of 8
rahul gandhi
मई 2011 में भट्टा पारसौल किसानों के उग्र आंदोलन के चलते पूरे देश में चर्चा में था। उसी दौरान राहुल गांधी ने उस इलाके का दौरा किया जबकि प्रशासन ने नेताओं के यहां आने पर रोक लगा रखी थी। राहुल गांधी के साहसिक कदम से प्रभावित्कर एक युवा ने राहुल गांधी का साथ देने का फैसला किया और उस बाइक की हैंडल संभाली जिसपर सवार होकर खुद कांग्रेस उपाध्यक्ष भट्टा पारसौल पहुंचे थे।
विज्ञापन
3 of 8
rahul gandhi
अब जबकि यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है ऐसे समय में पार्टी के इस प्रतिबद्ध युवा नेता ने कांग्रेस का हाथ छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया है।
4 of 8
rahul gandhi
गौतमबुद्ध नगर के रबुपुरा के युवा नेता धीरेंद्र सिंह राहुल गांधी से भले ही प्रभावित हैं लेकिन वो उनके आस-पास रहने वाले चापलूसों और किसानों के प्रति की संवेदनहीनता से बेहद दुखी हैं।
विज्ञापन
5 of 8
rahul gandhi
यूपी चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा नियुक्त किए गए मुख्य रणनीतिकार और उनकी टीम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि दिल्ली से इतना नजदीक रहने के बावजूद कांग्रेस प्रदेश के किसानों की समस्या की अनदेखी कर रही है।
विज्ञापन
6 of 8
rahul gandhi
धीरेंद्र का ये भी आरोप है कि राहुल गांधी से उन्हें कोई शिकायत नहीं है लेकिन वह चापलूसों की ऐसी टीम से घिर गए हैं जो खुद असुरक्षा के भाव से घिरे हैं और राहुल को भी भ्रमित कर रहे हैं।
विज्ञापन
7 of 8
rahul gandhi
खुद धीरेंद्र पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर जेवर विधानसभा से लड़े थे और उन्होंने अपने बसपा प्रतिद्वंद्वी को कड़ी टक्कर दी थी और दूसरे नंबर पर रहे थे।
ऐसे में चुनाव से ऐन पहले धीरेंद्र का पार्टी छोड़ना और भाजपा में शामिल होना कांग्रेस के लिए बड़ा नुकसान साबित हो सकता है। क्योंकि धीरेंद्र इलाके के लोकप्रिय किसान नेता होने के साथ-साथ इलाके में उनकी अच्छी पकड़ भी है।