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मां के आंचल ने ऐसे बचा ली छोटे बेटे की जान, वरना बड़े भाई-बहन के साथ पिता दे देता 'मौत'

Wed, 13 Mar 2019 01:12 PM IST
पूजा त्रिपाठी राहुल सक्सेना, अमर उजाला, गाजियाबाद
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murder and suicide ghaziabad - फोटो : अमर उजाला
सुंदरपाल के बच्चों को लूडो बहुत पसंद था, अंतिम समय में भी उसने बच्चों के साथ यही खेल खेला। बच्चों को उनकी मनपसंद मिठाई रसमलाई भी खिलाई। इसी मिठाई को हथियार बनाकर सुंदरपाल ने बच्चों के साथ मौत का खेल खेला। उसका सबसे छोटा बेटा अपनी मां की वजह से बच गया। आखिर मां ने ऐसा क्या किया पढ़ें पूरी खबर...
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murder and suicide ghaziabad - फोटो : अमर उजाला
छोटा बेटा मां के पास सोया हुआ था, इसलिए उसकी जान बच गई। सुंदरपाल ने परिवार के किसी भी सदस्य को घटना के बारे में कानोकान खबर नहीं लगने दी। उसका व्यवहार सभी के साथ वैसा ही था जैसा कि रोज रहता था। सुंदरपाल ने बच्चों को मारने की प्लानिंग भी पहले ही कर ली थी। वह जानता था कि उसकी मौत के बाद बच्चों की परवरिश कैसे होगी।
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murder and suicide ghaziabad - फोटो : अमर उजाला
11 मार्च की शाम को बच्चों को खुश करने वाले सारे काम किए। उसकी पत्नी शशि ने टोका भी काफी रात हो रही है। सब सो जाओ, लेकिन सुंदरपाल के दिमाग में तो कुछ और ही प्लानिंग चल रही थी। शशि छोटे बेटे को उठाकर अपने साथ सुलाने ले गई। सुंदरपाल बच्चों के साथ खेलता रहा।

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murder and suicide ghaziabad - फोटो : अमर उजाला
सुबह से ही परिवार के सदस्यों केसाथ नार्मल व्यवहार करता रहा। जब घर के अंदर परिवार के सभी लोग सो गए। तब रसमलाई खोलकर उसमें जहरीला पदार्थ मिलाया और बच्चों को खिला दिया। बच्चों की मौत के बाद उसने कमरे के अंदर लगी पाइप पर पत्नी की साड़ी से फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली।
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murder and suicide ghaziabad - फोटो : अमर उजाला
बड़ा बेटा दिमागी रूप से था कमजोर
सुंदरपाल का बड़ा बेटा तुषार दिमागी रूप से कमजोर था और वह बोल भी नहीं पाता था। गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिए जाता था। जबकि बेटी माही एक निजी स्कूल में कक्षा पांच की मेधावी छात्रा थी।
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