फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अबू धाबी में नौकरी से मिली दो साल बाद छुट्टी, प्लान था सेहरा बांधने का जा बैठा किसान आंदोलन में

Wed, 23 Dec 2020 06:23 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
सिंघु बॉर्डर पर किसानों प्रदर्शन करते हुए - फोटो : पीटीआई
अबू धाबी में नौकरी करने वाले सतनाम सिंह को दो साल बाद दो महीने की छुट्टी मिली। उनके परिवार को इस छुट्टी का कब से इंतजार था क्योंकि परिवार चाहता था कि उन्हें छुट्टी मिले और वह वतन लौटकर अपना घर बसाएं, शादी करें। लेकिन यह प्लान उनके भारत आते-आते बदल गया।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
सिंघु बॉर्डर पर चलता लंगर - फोटो : पीटीआई
जब 29 नवंबर को वह पंजाब के जलंधर जिले में स्थित अपने गांव वापस लौटे तो उन्हें पता चला कि उनके बड़े भाई और गांव के अन्य किसान सिंघु बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
विज्ञापन

3 of 5
सिंघु बॉर्डर का दृश्य - फोटो : पीटीआई
इसके बाद तो सतनाम सिंह ने सिर्फ दो दिन अपने माता-पिता के साथ बिताए और फिर एक नई मोटरसाइकिल खरीदी और अपने एक दोस्त के साथ सिंघु बॉर्डर के लिए निकल गए। 29 वर्षीय सतनाम ने इस बारे में कहा कि शादी इंतजार कर सकती है और नौकरी भी।

4 of 5
सिंघु बॉर्डर का दृश्य - फोटो : पीटीआई
सतनाम ने बताया कि उनके माता पिता ने छुट्टियों में उनसे शादी करने को कहा था। वह चाहते थे कि सतनाम कोई लड़की देखे क्योंकि उनकी मां अब 70 साल की हो गई हैं और अब उन्हें घर की देखरेख करने में मुश्किल होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सिंघु बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन - फोटो : पीटीआई
सतनाम ने बताया कि मां की आंखों से कम दिखाई देता है और पिता भी खेतों में काम नहीं कर पाते। वहीं सतनाम के दोस्त सुखा सिंह जो दिव्यांग हैं, ने बताया कि उनके माता-पिता भी घर में अकेले हैं लेकिन उन्होंने उन्हें सिंघु बॉर्डर पर आने से नहीं रोका। जब सतनाम से पूछा गया कि वह कब तक यहां रहेंगे तो बोले कि जब तक हम ये लड़ाई नहीं जीतते तब तक। अबू धाबी में नौकरी मिलने से पहले मैं किसान ही था और मुझे पहले अपने खेतों को बचाना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें