अबू धाबी में नौकरी करने वाले सतनाम सिंह को दो साल बाद दो महीने की छुट्टी मिली। उनके परिवार को इस छुट्टी का कब से इंतजार था क्योंकि परिवार चाहता था कि उन्हें छुट्टी मिले और वह वतन लौटकर अपना घर बसाएं, शादी करें। लेकिन यह प्लान उनके भारत आते-आते बदल गया।