पीड़िता ने आगे बताया कि जब वह बाहर गई तो वह लड़का उसे मिला। उसने पूछा कि मेरी दोस्त कहां है तो वो बोला कि आगे खड़ी है। तुम मेरे साथ चलो। जब पीड़िता ने मना किया तो वह उसे धमकी देने लगा और जबरदस्ती कर मदरसे में ले गया। वहां मदरसे का मालिक बैठा था। उसने पीड़िता को बिस्किट और पानी दिया जिससे उसे नींद आने लगी।
पीड़िता ने बताया कि जब वह सोकर उठी तो उसके हाथ पैर में दर्द था। इसके बाद वो लड़का आया और उसे नए कपड़े दिए और पहनकर आने को कहा। उस लड़के ने पीड़िता का मोबाइल भी ले लिया जो अब तक उसे नहीं मिला है।
मदरसे में कुछ छोटे बच्चे भी थे जिसे उस लड़के ने मारा-पीटा और पीड़िता से बात करने से मना किया। वहां वह कैद रही। अगले दिन शाम को पुलिस आई और उसे मां के पास ले गई। मदरसे में मौलवी ने उसे देखा पर कुछ नहीं कहा। आरोपी लड़के ने पीड़िता को बहुत डराया और जान से मारने की बात कही।
पीड़िता ने ये भी बताया है कि, मदरसे में जो बच्चे थे उन्होंने पीड़िता को बचाने की कोशिश की थी। लेकिन आरोपी ने उन्हें मार-पीटकर खून तक निकाल दिया। पीड़िता ने उससे कई बार पूछा कि जिस सहेली से वह मिलाने लाया था वह कहां है तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। पीड़िता ने कई बार उससे घर जाने की विनती की लेकिन उसने उसे नहीं छोड़ा।
इंटरव्यू में पीड़िता ने तो ये भी बताया है कि वह जो भी पूछती उसका कोई जवाब नहीं मिलता। बस वह लड़का उसे डराता था और उसके साथ मौलवी भी डराता था। धमकी देता था कि तुम्हारे माता-पिता और भाई को मार दूंगा। मौलवी ने लड़के से ये भी कहा कि अगर ये बात नहीं माने तो इसे खत्म कर दो जिसके बाद वह बहुत डर गई।