suhaib ilyasi
उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गई। सुहैब ने पुलिस को बताया कि दोनों में कहासुनी के बाद अंजू ने खुद पर चाकू से हमला कर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। अंजू को घरवालों ने इसके खिलाफ पुलिस में शिकायत और मामला कोर्ट में गया। 17 साल की अदालती लड़ाई के बाद कोर्ट ने मान लिया कि अंजू की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि, हत्या थी। लेकिन आज 5 अक्तूबर 2018 को दिल्ली हाईकोर्ट ने इलियासी को संदेह के आधार पर सभी आरोपों से बरी कर दिया।