फाइल फोटो
10 जून को दर्ज हुई थी एफआईआर
चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन और जस्टिस वीके राव की खंडपीठ के समक्ष पीड़िता के वकील प्रदीप तिवारी ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरती है। पीड़िता के पुलिस और कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज करवाने के बावजूद दाती और सह-आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। पीड़िता ने 7 जून, 2018 को फतेहपुर बेरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन एफआईआर 10 जून को दर्ज की गई। इसके बाद भी पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए आठ दिन में हाजिर होने का समय दिया, लेकिन वह नहीं आया। जब वह पूछताछ के लिए पहुंचा तो पुलिस ने जांच में सहयोग करने के नाम पर उसे गिरफ्तार नहीं किया।