फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदी सरकार में ऊंचे पदों पर पहुंचे हैं जेएनयू के ये 5 छात्र, एक तो बनीं देश की रक्षा मंत्री

Thu, 28 Mar 2019 05:54 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
Kanhaiya Kumar
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी को छात्र राजनीति का गढ़ माना जाता है जहां से निकलकर छात्र राजनीति में बड़ा नाम कमाते हैं। यहां के कई पूर्व छात्र आज सियासत और सत्ता के हलकों में बड़ा नाम हैं। लिहाजा जब भी जेएनयू में चुनाव होते हैं वे चर्चा का केंद्र बन जाते हैं। जेएनयू में चुनाव अमेरिका के प्रेसिडेंशियल डिबेट प्रणाली के आधार होता है। यहां छात्रों को अपनी बात को डिबेट के माध्यम से रखना होता है। यहां के छात्र सामाजिक मुद्दों को उठाने में भी पीछे नहीं रहते और जरूरत पड़ने पर उसके लिए आंदोलन भी करते हैं। इन दिनों यहां के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की बेगूसराय से चुनाव लड़ने की खबर चर्चा-ए-आम है। अपनी इस स्टोरी में हम आपको बताने जा रहे हैं कि सिर्फ कन्हैया ही नहीं मोदी सरकार में ऊंचे पदों पर आसीन कई नेता और नौकरशाह भी यहीं से पढ़े हैं। जानिए कौन-कौन हैं वो...
विज्ञापन

2 of 6
निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो) - फोटो : Instagram
निर्मला सीतारमण- भारत की पहली पूर्णकालिक रक्षा मंत्री होने का गौरव हासिल करने वाली निर्मला सीतारमण भी यहीं की छात्रा हैं। उन्होंने जेएनयू से ही एमए की डिग्री हासिल की है और मोदी कैबिनेट की प्रखर वक्ता मानी जाती हैं।
विज्ञापन

3 of 6
Amitabh Kant
अमिताभ कांत- अमिताभ कांत नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। सिर्फ यही नहीं पीएम मोदी के बेहद खास माने जाने वाले कांत मेक इन इंडिया अभियान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। अमिताभ कांत ने जेएनयू से एमए की डिग्री ली है।

4 of 6
एस जयशंकर
सुब्रमण्यम जयशंकर- भारत के नए विदेश सचिव सुब्रमण्यम जयशंकर भी जेएनयू के छात्र रहे हैं। उन्होंने जेएनयू से एमफिल और पीएचडी की डिग्री हासिल की है। जयशंकर ने ही भारत के परमाणु समझौते का पहला प्रारूप तैयार करवाया था जिसे आदर्श के तौर पर देखा जाता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी की है। सुब्रमण्यम जयशंकर ने इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रैटेजिक स्टडीज के सदस्य हैं। सिर्फ वही नहीं उनके पिता भी देश के सर्वश्रेष्ठ नीतिकारों में माने जाते हैं।
विज्ञापन

5 of 6
सैयद आसिफ इब्राहिम
सैयद आसिफ इब्राहिमः 2015 में आतंकवाद से निपटने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री के विशेष दूत के तौर पर नियुक्त किए गए सैयद इब्राहिम इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व निदेशक भी रह चुके हैं। यह भी जेएनयू के ही छात्र हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
मेनका गांधी - फोटो : अमर उजाला
मेनका गांधीः मोदी कैबिनेट की मंत्री मेनका गांधी ने जेएनयू से ही जर्मन भाषा की पढ़ाई की थी। मेनका गांधी ने पशु अधिकारों से जुड़े आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और इन्हीं की मदद से उन्होंने पशु क्रूरता रोकने के लिए कानून भी बनवाया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें