दिल्ली के करोल बाग में 1955 को जन्मी कृष्णा तीरथ ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी जो कई सालों तक रहा। फिर 2015 में वह उन नेताओं की लिस्ट में शामिल हुईं जिन्होंने कांग्रेस की डूबती नैया को छोड़कर भाजपा की नाव में सवार हो गए थे। अब लोकसभा चुनाव 2019 के शुरुआत में ही उन्होंने घर वापसी कर ली है। उन्होंने भाजपा से इस्तीफा देकर एक बार फिर कांग्रेस ज्वाइन कर ली है। भाजपा में शामिल होते वक्त उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में नेतृत्व की भारी कमी है, जिससे पार्टी ने अपनी दिशा खो दी है। वो बोली थीं हमें अपनी ऊर्जा खराब नहीं करनी चाहिए। वह केवल इसलिए बीजेपी में हैं ताकि समाज के हित का काम कर सकें, अब हमें कांग्रेसमुक्त भारत बनाकर महिलाओं और नवजवानों को आगे बढ़ाना है। कृष्णा तीरथ अपने राजनीतिक जीवन में कई विवादों से घिरी रहीं। आगे पढ़िए उनके ऐसे ही 3 विवाद...