Rahul Gandhi
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अंतिम समय में खोला प्रियंका का पत्ता, नहीं चला जादू- प्रियंका गांधी को औपचारिक राजनीति में उतारने में कांग्रेस ने काफी देर कर दी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर प्रियंका को साल-दो साल पहले ही कांग्रेस ले आती तो शायद कुछ और ही परिणाम होते। इसके साथ ही प्रियंका के नाम की चर्चा होने के बावजूद उन्हें वाराणसी से या फिर अन्य किसी सीट से चुनाव न लड़वाना भी कांग्रेस के खिलाफ गया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का जादू मतदाताओं पर नहीं चला। पूर्वांचल की अधिकांश सीटों पर कांग्रेस कहीं भी सीधी लड़ाई में नहीं नजर आई। हर जगह तीसरे नंबर पर ही संघर्ष करती रही। प्रियंका का रोड शो भी वैसा ही रहा, जिस तरह पहले तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी या राहुल गांधी का रोड शो रहा था। उनके रोड शो में भी भीड़ जुटी, लेकिन यह भीड़ मतों में नहीं बदल पाई।