राजधानी में बृहस्पतिवार से आबकारी नीति में बदलाव के बाद अब शराब की बिक्री सिर्फ सरकारी दुकानों में होगी। निजी दुकानें बंद हो चुकी हैं और इसकी जगह दिल्ली सरकार की 300 से अधिक दुकानें ही खुलेंगी। अधिकारियों का कहना है कि पुरानी व्यवस्था बहाल करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शुरुआती एक सप्ताह में आपूर्ति सामान्य होने तक इंतजार नहीं कर पाने वाले बेसब्र ग्राहकों की बुधवार शाम निजी दुकानों पर भीड़ लगी रही।
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शराब के ठेके के बाहर बैठे लोग
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को अधिकारियों ने बताया कि आबकारी नीति 2021-22 की जगह पुरानी व्यवस्था बहाल होने से फिलहाल संचालित हो रहे करीब 250 निजी शराब विक्रेताओं के ठेकों की जगह 300 से अधिक सरकारी विक्रय केंद्र ले लेंगे। निजी दुकानों को जारी इस नीति के तहत जारी लाइसेंस वापस ले लिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगले हफ्ते से सरकारी दुकानों पर शराब की आपूर्ति में सुधार की उम्मीद है।
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शराब का ठेका
- फोटो : अमर उजाला
मोबाइल एप से मिलेगी दुकानों की जानकारी
मोबाइल एप एमआबकारीदिल्ली को सितंबर में लागू कर दिया जाएगा। इससे ग्राहकों को अपने नजदीकी दुकानें, दुकान का समय सहित तमाम जानकारियां मिलेंगी। दिल्ली में कई सरकारी ठेके मॉल और मेट्रो स्टेशनों के नजदीक होंगे।
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शराब देता दुकानदार
- फोटो : अमर उजाला
अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली सरकार के उपक्रम डीटीटीडीसी, डीएसएसआईडीसी, डीएससीएससी और डीसीसीडब्ल्यूएस की 700 से अधिक शराब की दुकानें खोलने का लक्ष्य दिया गया है।
नहीं मिलेगा ऑफर का फायदा
निजी दुकानें खुलने से पिछले कुछ महीनों में नई आबकारी नीति के तहत दुकानदारों की तरफ से बाय वन गेट वन फ्री जैसे ऑफर का लाभ नहीं मिल सकेगा। निजी दुकानों के बंद होने से इस तरह के ऑफर नहीं मिलेंगे और इसका असर शराब की बिक्री पर भी पड़ने की संभावना है।