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क्या शाहीन बाग को भी हिंसा की आग में झोंकने की थी साजिश?

Sat, 29 Feb 2020 07:44 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शाहीन बाग के रास्ते पर लगा बैरिकेट - फोटो : अमर उजाला
शाहीन बाग पहले की तरह आजादी के नारों से नहीं गूंज रहा है। वहां भीड़ तो दिख रही पर उस भीड़ की आंखों में एक अलग सी मायूसी नजर आ रही है। प्रदर्शनकारियों ने पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना दिखाई। उनकी मदद के लिए शाहीन बाग के लोग राशन से लेकर कपड़े दंगाग्रस्त इलाकों में भेज रहे हैं।

वहीं, प्रदर्शनकारी शाहनवाज का कहना है कि अगर शाहीन बाग का भी रास्ता खुल जाता तो शायद पूर्वी दिल्ली जैसी घटना यहां भी देखने को मिलती। इसलिए प्रदर्शनकारियों ने माहौल को खराब न होने से रोकने के लिए हर तरह से एहतियात बरती है।
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शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों का मार्च - फोटो : अमर उजाला
शाहीन बाग से शुरू हुआ सीएए-एनआरसी का विरोध प्रदर्शन दो महीने से अधिक समय से अब भी जारी है। पूर्वी दिल्ली में हिंसा के बाद शाहीन बाग प्रदर्शन में भीड़ कम पहुंच रही है। इसकी वजह हिंसाग्रस्त इलाके में घायलों की मदद में प्रदर्शनकारी जुटे हैं। दंगा पीड़ितों की मदद के लिए शाहीन बाग में राशन, पानी, दवा और कपड़ों का इंतजाम किया जा रहा है। इन्हें एकत्र कर ट्रकों से दंगाग्रस्त इलाके में ले जाकर बांटा जा रहा है। 
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शाहीन बाग - फोटो : अमर उजाला
शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी शाहनवाज बताते हैँ कि हिंसा में बर्बाद हुए दोनों धर्मों के लोगों की मदद की जा रही है। हिंसा में हर धर्म के लोग शिकार हुए हैं। उनका घर से लेकर सबकुछ तबाह हो चुका है। 

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शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी - फोटो : अमर उजाला
शाहीन बाग से भी प्रदर्शनकारी महिलाएं लगातार अस्पतालों में जाकर दंगे से पीड़ित लोगों की मदद कर रही हैं। मंच से अब सीएए-एनआरसी के विरोध से अधिक मानवता को बचाने की अपील की जा रही है। महिलाएं जाफराबाद इलाके में लोगों की मदद के लिए गई हैं। उनकी मदद के लिए लोगों से भी आर्थिक मदद मांगी जा रही है। शाहीन बाग ने कभी हिंसा फैलाने का समर्थन नहीं किया है। प्रदर्शनकारियों ने हिंसा फैलाने के पीछे कपिल मिश्रा का हाथ बताया है, जिसकी गिरफ्तारी की मांग की है।
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जामिया प्रदर्शनकारी - फोटो : अमर उजाला
जामिया के छात्र भी मदद के लिए आगे आए
हिंसाग्रस्त इलाके में पीड़ितों की मदद के लिए जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों ने भी हाथ आगे बढ़ाया है। छात्रों ने गेट नंबर 10 पर दंगा पीड़ित लोगों के लिए जरूरत का सामान एकत्र करना शुरू कर दिया है। पूरे ओखला इलाके से हर घर से मदद के लिए आगे आने की अपील की है। इसके बाद हर घर से एक शख्स मदद के लिए सामान लेकर पहुंच रहा है।
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